उन्नाव की आन-बान-शान पर धूल की चादर!
उन्नाव। जिले में प्रवेश करते ही उन्नाव बाईपास शहर की पहली तस्वीर सामने रखता है। चाहे लखनऊ की ओर से आने वाला हो या कानपुर की तरफ से, बाईपास पुल पार करते ही सड़क के दोनों ओर बने पार्क शहर की पहचान से रूबरू कराते हैं।लेकिन विडंबना यह है कि जिस स्थान को उन्नाव की आन-बान-शान बनना चाहिए था, वही आज बदहाली, गंदगी और सरकारी अनदेखी की कहानी बयां कर रहा है।बाईपास के पार्क में करीब 40 फीट ऊंचा फ्लैग पोस्ट लगाया गया था। मकसद था कि राष्ट्रीय पर्वों पर इस ऊंचे पोल पर तिरंगा शान से लहराए और शहर में प्रवेश करने वाले लोगों को देशभक्ति और गौरव का एहसास हो।मगर हालात यह हैं कि 26 जनवरी गुजर गई, 15 अगस्त भी बीत गया, लेकिन सरकारी फ्लैग पोस्ट पर तिरंगा नहीं लहर सका। सालभर से यह फ्लैग पोस्ट मानो जिम्मेदारों से अपने अस्तित्व का हिसाब मांग रहा है।सबसे दिलचस्प तस्वीर इसी सरकारी फ्लैग पोस्ट के ठीक सामने दिखाई देती है। एक निजी फैक्ट्री परिसर में भी लगभग इसी ऊंचाई पर तिरंगा लहरा रहा है, जो बाईपास से गुजरने वाले लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचता है। एक तरफ निजी संस्थान का तिरंगा शहर की शान बढ़ा रहा है, तो दूसरी तरफ सरकारी पार्क में लगा फ्लैग पोस्ट प्रशासनिक उदासीनता का प्रतीक बना खड़ा है।पार्क की स्थिति भी कम चिंताजनक नहीं है। सफाई व्यवस्था बदहाल है और पार्क के आसपास जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा होने की शिकायत है। गंदगी के कारण मच्छर और अन्य संक्रमण फैलाने वाले कारकों को बढ़ावा मिलने की आशंका बनी हुई है।सवाल यह है कि जब सरकार स्वच्छता और बीमारियों की रोकथाम को लेकर लगातार अभियान चलाती है, तो शहर के प्रवेश द्वार पर ही ऐसी तस्वीर क्यों दिखाई दे रही है?
सोमेंद्र नाथ विशेष संवाददाता ITN नेशनल न्यूज़ नेटवर्क उन्नाव