बारीपदा, 15/09/2026: आगामी 12 से 15 नवंबर तक चार दिवसीय संस्कार शिशु महोत्सव ‘मयू़री-2026’ का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में स्थानीय नगरपालिका गेस्ट हाउस परिसर में त्रयोदश संस्कार शिशु महोत्सव ‘मयू़री-2026’ की पहली तैयारी बैठक आयोजित हुई। बैठक में महोत्सव की तिथि एवं कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई।
पवित्र वराह जयंती के अवसर पर इस वर्ष के संस्कार शिशु महोत्सव ‘मयू़री-2026’ की तिथियों की घोषणा की गई। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. आदर्श शतपथी द्वारा मंगलाचरण पाठ से हुई। महोत्सव के संस्थापक-संपादक संजय कुमार चौधरी ने मंचासीन अतिथियों एवं उपस्थित सदस्यों का परिचय कराया।एमपीसी स्वायत्त महाविद्यालय की सेवानिवृत्त प्राचार्या तथा मयू़री की कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. बनजा महांति की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में आगामी महोत्सव की रूपरेखा पर चर्चा की गई। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी बच्चों का यह विशेष महोत्सव 12 नवंबर गुरुवार से 15 नवंबर रविवार तक चार दिनों तक आयोजित किया जाएगा।बैठक में इस वर्ष के महोत्सव को पिछले वर्ष की तुलना में और अधिक आकर्षक एवं मनोरंजक बनाने को लेकर विभिन्न सुझावों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही आगामी बैठक में अभिभावक सम्मेलन के माध्यम से सभी अभिभावकों को आमंत्रित करने का निर्णय भी लिया गया।बैठक में सम्मानित सदस्यों के रूप में सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. गणेश्वर भोई, शिक्षाविद् कैवल्य प्रसाद महापात्र, सेवानिवृत्त इंजीनियर सुनील कुमार प्रधान, सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी दुर्गाप्रसाद मिश्रा तथा वरिष्ठ अधिवक्ता क्षेत्रमोहन पंडा प्रमुख रूप से मंचासीन थे।इस अवसर पर डॉ. आदर्श शतपथी द्वारा रचित ‘श्री वराहोपासना दर्पण’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान छेना पोड़ा काटकर सभी सदस्यों के बीच वितरित किया गया।बैठक में मयू़री की स्वयंसेवक हिमाद्रि तनया चौधरी, रश्मि महापात्र, हिमांशु साहू, अधिवक्ता सुजाता मिश्रा, डॉ. हरिहर दास, डॉक्टर प्रकाश कलिया, सुधामयी दास, भगवती दाश, संध्या रानी दास, पूर्णिमा पंडा, बिनीता दास, वीणापाणि दाश, संतोष कुमार कास्त, विश्वेश्वर द्विवेदी, ज्योति रंजन दास, प्रदीप कुमार दास, अच्युत प्रसाद महापात्र, रेणुबाला रथ एवं सत्यानंद सेजपाड़ा सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।अंत में सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. संदीप कुमार चांद ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज।