बिहार मोतीहारी से अमरजीत सिंह
बाली में भारतीय ज्ञान परंपरा का परचम, बिहार के प्रो. प्रसून दत्त सिंह ने किया प्रतिनिधित्व
महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिहार के संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. प्रसून दत्त सिंह इंडोनेशिया के बाली में आयोजित 13वें इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन सोशल साइंसेज एंड ह्यूमैनिटीज-2026 में भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रतिनिधित्व कर लौटे हैं। 7 और 8 सितंबर को आयोजित इस सम्मेलन में 80 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिसमें बिहार से एकमात्र प्रतिनिधि प्रो. सिंह थे।
सम्मेलन में प्रो. सिंह ने भारतीय ज्ञान परंपरा और बिहार की सांस्कृतिक विरासत पर अपना शोध प्रस्तुत किया। उनका शोध पारंपरिक ज्ञान, जैव-विविधता संरक्षण, लोकपरंपरा और प्रकृति-केंद्रित जीवन-दृष्टि पर केंद्रित था। उन्होंने बताया कि स्थानीय समुदायों के पारंपरिक ज्ञान में ही पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का मार्ग छिपा है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव ने इस उपलब्धि पर प्रो. सिंह को बधाई दी और इसे विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय अकादमिक सहभागिता के लिए महत्वपूर्ण बताया।
– भारतीय ज्ञान परंपरा को लेकर वैश्विक रुचि बढ़ी
प्रो. सिंह ने कहा कि दुनिया में वैदिक साहित्य और भारतीय ज्ञान परंपरा को लेकर रुचि तेजी से बढ़ रही है। भारतीय दृष्टि प्रकृति को संसाधन नहीं, जीवन का अभिन्न अंग मानती है, जिसे आज के सतत विकास के विमर्श से जोड़ने की जरूरत है। बिहार की लोकपरंपराओं में सह-अस्तित्व के कई ऐसे सूत्र हैं जो आज भी प्रासंगिक हैं।
– बाली में जीवंत है रामलीला
बाली यात्रा के दौरान प्रो. सिंह ने वहां रामायण की जीवंत उपस्थिति देखी। बाली में रामकथा केचक नृत्य-नाट्य के रूप में प्रस्तुत होती है। गोलाकार बैठे कलाकार ‘चक-चक’ की ध्वनि के बीच राम, सीता, हनुमान और रावण की कथा को मंचित करते हैं, जिसमें सीता हरण से लेकर राम-रावण युद्ध तक के प्रसंग दिखाए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि बाली में मंदिरों को ‘पुरा’ कहा जाता है। माउंट अगुंग स्थित पुरा बेसाकिह, पुरा उलुवातु और तनाह लोट जैसे मंदिर धर्म और प्रकृति के संबंध को दर्शाते हैं, जो भारत की तरह ही सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन के केंद्र हैं।
प्रो. सिंह ने कहा कि बाली यात्रा ने यह अहसास कराया कि भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया का सांस्कृतिक संबंध केवल इतिहास नहीं, बल्कि आज भी उत्सवों, कला और जन-जीवन में जीवित है।
रिपोर्ट ,,अमरजीत सिंह