संबलपुर, 26/09/2026। गंगाधर मेहर विश्वविद्यालय (जीएमयू), संबलपुर में ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और प्रदर्शन कला को लेकर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का समापन हो गया। विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग तथा भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र (IKS) के संयुक्त सहयोग से 25 एवं 26 सितंबर 2026 को “ओडिशा की प्रदर्शन कला” विषय पर इस राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर व्योमकेश त्रिपाठी ने ओडिशा की समृद्ध प्रदर्शन कलाओं एवं पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर उन्होंने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि स्थानीय पारंपरिक ज्ञान एवं सांस्कृतिक विरासत के प्रचार-प्रसार तथा प्रदर्शन के लिए जीएमयू परिसर में जल्द ही एक स्वतंत्र संग्रहालय की स्थापना की जाएगी।सेमिनार के शुभारंभ अवसर पर अंग्रेजी विभाग की प्रमुख तथा आईकेएस की अध्यक्ष प्रोफेसर अंजलि त्रिपाठी ने स्वागत भाषण दिया और सेमिनार के विषय एवं उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर दीपक कुमार बेहरा उपस्थित रहे। वहीं सम्मानित अतिथि के रूप में प्रोफेसर जतिंद्र कुमार नायक एवं प्रोफेसर जगन्नाथ दास ने अपने विचार रखे।इस अवसर पर प्रदर्शन कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित गुरु रंजीत कुमार नाग को सम्मानित किया गया।दो दिनों तक चले तकनीकी सत्रों में राज्य तथा देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिष्ठित शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और कला साधकों ने हिस्सा लिया। सेमिनार के दौरान ओडिशा के लोकनृत्य, लोकगीत, नाटक, रंगमंच, जनजातीय परंपराओं तथा अनुष्ठानिक प्रदर्शन कलाओं पर विद्वतापूर्ण चर्चा की गई।इस दौरान प्रोफेसर भगवान साहू, डॉ. बसंत कुमार महंत, डॉ. मेघनुर महांत, आशीष कुमार बासा, डॉ. बायामनु चर्ची तथा डॉ. सत्यनारायण ठाकुर सहित अनेक विद्वानों ने अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने ओडिशा की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक कलाओं और ज्ञान परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
हिमांशु शेखर प्रह्राज
स्टेट हेड