बड़साही, 28/09/2026: मुंडारी भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने तथा संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर बड़साही प्रखंड में विशाल जनसमावेश एवं रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़साही प्रखंड के प्रखंड विकास अधिकारी (BDO) के माध्यम से ओडिशा के मुख्यमंत्री, भारत के प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय गृह मंत्री के नाम मांग-पत्र सौंपा गया। इसके साथ ही मुंडारी भाषा को ओडिशा में दूसरी राजभाषा का दर्जा देने की मांग भी उठाई गई।मुंडारी भाषा को भारत की प्राचीन आदिवासी भाषाओं में से एक बताते हुए आंदोलनकारियों ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा इसी भाषाई समुदाय से संबंधित थे। भारत सरकार ने उनके जन्मदिवस को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में घोषित किया है। वहीं संविधान निर्माण में जयपाल सिंह मुंडा के महत्वपूर्ण योगदान का उल्लेख करते हुए कहा गया कि वे भी मुंडारी भाषी समुदाय से जुड़े थे।प्रदर्शनकारियों के अनुसार, देशभर में 16 लाख से अधिक लोग मुंडारी भाषा बोलते हैं, इसके बावजूद आज तक इस भाषा को संवैधानिक मान्यता नहीं मिल सकी है। इसे लेकर मुंडारी भाषी समुदाय में असंतोष है। मांग-पत्र में मुंडारी भाषा को जल्द से जल्द संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने तथा ओडिशा में दूसरी राजभाषा का दर्जा प्रदान करने की मांग की गई।इस अवसर पर केंदुआसाही स्थित बिरसा मुंडा चौक से बड़साही प्रखंड कार्यालय तक विशाल शोभायात्रा निकाली गई। कार्यक्रम की शुरुआत बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर मुंडारी पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद बड़साही प्रखंड की 30 पंचायतों से पारंपरिक वेशभूषा में आए करीब 10 हजार से अधिक मुंडारी भाषी पुरुष एवं महिलाओं ने दो कतारों में पदयात्रा करते हुए प्रखंड कार्यालय तक मार्च किया।शोभायात्रा के दौरान मुंडारी संस्कृति के पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर लोगों ने पारंपरिक नृत्य भी प्रस्तुत किया। पूरे कार्यक्रम में मुंडारी भाषा, संस्कृति और पहचान के संरक्षण तथा संवैधानिक मान्यता की मांग प्रमुखता से उठाई गई।शोभायात्रा में बड़साही जोन संख्या-22 के जिला परिषद सदस्य दशरथ सिंह, बड़साही प्रखंड अध्यक्ष मिनती सिंह, पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मी सिंह, बड़साही ग्राम पंचायत के सरपंच बुधुराम सिंह, छेलिया सरपंच प्रियालता सिंह, देउलिया सरपंच तुलसी सिंह, कोचिलाखुंटा सरपंच तपस्विनी सिंह, सुहागपुर सरपंच बासंती सिंह, मांत्री सरपंच सावित्री सिंह, सानकेरको सरपंच सहदरी सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि एवं मुंडारी भाषा से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित रहे।इसके अलावा मुंडारी भाषा समन्वय समिति के केंद्रीय महासचिव इंजीनियर सुनाराम सिंह, पर्यवेक्षक रामेश्वर सिंह, अजित कुमार सिंह, मुंडारी शिक्षा परिषद के सचिव बुधिया सिंह, मुंडारी भाषा समन्वय समिति के बेतनटी प्रखंड संयोजक तपन सिंह तथा खुंटा प्रखंड संयोजक रांगा सिंह सहित अन्य लोग मौजूद थे।कार्यक्रम का नेतृत्व मुंडारी भाषा समन्वय समिति, बड़साही प्रखंड के संयोजक बैद्यनाथ सिंह, सचिव बसंत सिंह, शशिधर सिंह एवं शांतिलता सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने किया।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज।