वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में छात्रहित, परिसर की सुरक्षा, प्रशासनिक जवाबदेही और विश्वविद्यालय की गरिमा से जुड़े मुद्दों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) BHU का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। आंदोलन के नौवें दिन बुधवार, 1 अक्टूबर को छात्रों ने सेंट्रल ऑफिस से लंका गेट तक मशाल यात्रा निकाली।
मशाल यात्रा शाम को सेंट्रल ऑफिस से शुरू हुई। बड़ी संख्या में छात्र हाथों में मशाल लेकर यात्रा में शामिल हुए। छात्रों के हाथों में जलती मशालें थीं और रास्तेभर विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी की गई। यात्रा का उद्देश्य अपनी मांगों को विश्वविद्यालय प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाना और चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ चल रहे विरोध को आगे बढ़ाना था।
छात्र सेंट्रल ऑफिस से मुख्य मार्ग होते हुए लंका गेट की ओर बढ़े। लंका गेट पहुंचने के बाद छात्रों ने अपनी मांगों और मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। ABVP की ओर से कहा गया कि जब तक उनकी मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग
ABVP BHU की ओर से चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे के साथ छात्रहित और परिसर की सुरक्षा से जुड़े कुल 10 मुद्दों को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। संगठन का कहना है कि इन मांगों को विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने रखा गया है। छात्रों ने कहा कि यदि प्रशासन उनकी मांगों को स्वीकार कर लेता है और अपेक्षित कार्रवाई होती है, तो आंदोलन समाप्त करने पर विचार किया जाएगा।
मशाल यात्रा के दौरान छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर लगातार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए समाधान की दिशा में कदम उठाना चाहिए।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन मुस्तैद
मशाल यात्रा को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर में प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था भी की गई थी। प्रदर्शन के दौरान प्रशासन और सुरक्षा कर्मी मौके पर मौजूद रहे और पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी। यात्रा सेंट्रल ऑफिस से लंका गेट तक निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ी।
ABVP BHU के अनुसार, यह मशाल यात्रा उनके अनिश्चितकालीन धरने के नौवें दिन आयोजित की गई। संगठन ने स्पष्ट किया कि छात्रहित, परिसर की सुरक्षा, प्रशासनिक जवाबदेही और विश्वविद्यालय की गरिमा से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा।