दुकान-दुकान और घर-घर जाकर जुटा रहे हैं आर्थिक सहयोग, मानवता की पेश की अनूठी मिसाल
बारीपदा, 3 अक्टूबर: आमतौर पर इंसान अपने जीवन, परिवार और परिजनों की सुख-सुविधाओं को लेकर चिंतित रहता है। परिवार की जरूरतों को पूरा करने और अपनी इच्छाओं को पूरा करने में ही उसका अधिकांश समय बीत जाता है। लेकिन समाज में ऐसे भी लोग हैं, जो अपने परिवार की सीमाओं से आगे बढ़कर दूसरों के दुख और तकलीफ में सहभागी बनते हैं और मानवता की मिसाल पेश करते हैं। ऐसी ही एक अनूठी मानवीय पहल शुक्रवार को मयूरभंज जिले के मुख्यालय बारीपदा शहर में देखने को मिली।जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रही महज 16 माह की बच्ची त्रिसिका की जिंदगी बचाने के लिए मयूरभंज ट्रांसजेंडर एसोसिएशन के सदस्य आगे आए हैं। बताया गया है कि त्रिसिका SMA (Spinal Muscular Atrophy) टाइप-2 जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है। उसके इलाज और जीवन रक्षा के लिए बड़ी धनराशि की आवश्यकता है। जानकारी के अनुसार इलाज के लिए करीब 16 करोड़ रुपये की जरूरत बताई जा रही है।इतनी कम उम्र की बच्ची के गंभीर बीमारी से जूझने की खबर ने आम लोगों को भी भावुक कर दिया है। त्रिसिका की जिंदगी बचाने के लिए आवश्यक धनराशि जुटाने के उद्देश्य से मयूरभंज ट्रांसजेंडर एसोसिएशन के सदस्य स्वयं आगे आए और लोगों से सहयोग की अपील की।एसोसिएशन के सदस्य बारीपदा शहर के विभिन्न इलाकों में दुकान-दुकान और घर-घर जाकर लोगों से त्रिसिका के इलाज के लिए आर्थिक सहयोग की अपील कर रहे हैं। अपने लिए नहीं, बल्कि एक असहाय बच्ची की जिंदगी बचाने के लिए सड़क पर उतरकर सहयोग जुटाने का उनका प्रयास स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।इस अवसर पर एसोसिएशन की अध्यक्ष मनीषा साहू ने कहा कि त्रिसिका की जिंदगी बचाने के लिए हर व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग का हाथ बढ़ाना चाहिए। उन्होंने बताया कि आम लोगों से आर्थिक सहयोग जुटाने के साथ-साथ एसोसिएशन की ओर से भी यथासंभव आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।मनीषा साहू के साथ एसोसिएशन के अन्य सदस्य भी इस मानवीय अभियान में शामिल हुए। उन्होंने बारीपदा बाजार की विभिन्न दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में जाकर लोगों को त्रिसिका की बीमारी और उसके इलाज में होने वाले खर्च की जानकारी दी तथा सहयोग की अपील की।समाज में ट्रांसजेंडर समुदाय को लेकर कई तरह की धारणाएं देखने को मिलती हैं। लेकिन त्रिसिका की जिंदगी बचाने के लिए मयूरभंज ट्रांसजेंडर एसोसिएशन की यह पहल यह संदेश देती है कि मानवता की कोई जाति, धर्म, लिंग या वर्ग नहीं होता। किसी असहाय बच्चे की जिंदगी बचाने के लिए एकजुट होकर सहयोग करना ही सबसे बड़ी मानवता है।त्रिसिका के इलाज के लिए बड़ी धनराशि की आवश्यकता को देखते हुए समाज के सभी वर्गों के लोगों, स्वयंसेवी संगठनों, व्यापारियों और सक्षम व्यक्तियों से आगे आकर सहयोग करने की अपील की गई है। एक छोटी-सी मदद भी इस मासूम बच्ची के जीवन में बड़ी उम्मीद बन सकती है।
मयूरभंज से हिमांशु प्रहराज।