खुर्जा । विकास खंड खुर्जा क्षेत्र के ग्राम बोरौली में खसरा संख्या 176 पर स्थित वर्षों पुराने चकरोड को खुलवाने और समतल कराने की मांग को लेकर सोमवार को किसान मजदूर संगठन ने खुर्जा ब्लॉक मुख्यालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए प्रशासनिक उपेक्षा पर कड़ा रोष जताया और खंड विकास अधिकारी (BDO) व तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की। संगठन के ब्रज प्रदेश अध्यक्ष अजीत पाल सिंह राघव ने कहा कि बोरौली में लगभग 8 फीट चौड़ा और 400 मीटर लंबा चकरोड बीते 8 वर्षों से बंद पड़ा है। मार्ग के दोनों तरफ से 5-6 फीट मिट्टी उठ जाने से चकरोड खेतों से काफी ऊंचा हो गया है। इसके चलते किसानों को मजबूरीवश दूसरे किसानों के खेतों से गुजरना पड़ता है, जिससे कई बार ट्रैक्टर-बुग्गी पलटने की दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। रास्ता न होने से लगभग 25 बीघा जमीन 8 सालों से बंजर पड़ी है और किसान भुखमरी व मानसिक प्रताड़ना झेल रहे हैं। किसान नेताओं ने कहा कि ब्लॉक व तहसील प्रशासन केवल मिट्टी उठाने और चकरोड समतल कराने की लिखित अनुमति दे दे, तो किसान स्वयं अपने स्तर से रास्ता ठीक करा लेंगे। बिना लिखित अनुमति के कार्य करने पर पुलिस प्रशासन अवैध खनन का आरोप लगाकर उत्पीड़न कर सकता है।
संगठन के जिला महासचिव गौरव तोमर ने चेतावनी दी कि यदि पैमाइश कराकर चकरोड जल्द चालू नहीं कराया गया, तो 15 तारीख को मुजफ्फरनगर पंचायत के बाद 20 तारीख को खुर्जा ब्लॉक पर विशाल जनआंदोलन किया जाएगा। धरना स्थल पर अजीत पाल सिंह, सुमित चौहान, योगेश चौहान, जितेन्द्र, प्रवेश सोलंकी, सुरेश सिंह, विजेन्द्र, जितेन्द्र राघव, कुलदीप परमार, सूरज परमार, गोविन्दा परमार, भूपेन्द्र सोलंकी, हिमांशु परमार, ललित परमार, प्रदीप परमार, संजीव सिंह, गजराज सिंह, यतिन परमार, पप्पू सोलंकी, उर्गेश शर्मा, शशी भूषण शर्मा, घनश्याम तोमर, गजराज सिंह, संजीव सिंह, सचिन कुमार, विपिन कुमार, आकाश सोलंकी, अजीत पाल राघव एवं गौरव तोमर आदि उपस्थित रहे।
मामले में खुर्जा तहसीलदार जतिन गोस्वामी ने बताया कि संगठन के प्रतिनिधियों से वार्ता कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया है। प्रशासनिक स्तर पर मामले की पैमाइश व जांच कराकर समस्या का स्थाई समाधान जल्द से जल्द कराया जाएगा। वार्ता के पश्चात ज्ञापन लेकर किसानों को शांत कराया गया।