आचार्य श्री आर्जवसागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से अभिभूत हुए पत्रकार
अजितनाथ सभागार, बड़ौत में पत्रकारों का आत्मीय स्वागत एवं सम्मान, वरदान जैन ने किया आमंत्रित
बड़ौत(संवाददाता मुकेश कुमार जैन ) अजितनाथ सभागार, बड़ौत में आचार्य श्री 108 आर्जवसागर जी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में पत्रकारों को गुरुवर के मंगल दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। इस अवसर पर पत्रकारों का आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया। पत्रकारों ने आचार्य श्री के दर्शन कर अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया और धर्म, अहिंसा तथा जीवन मूल्यों से संबंधित प्रेरणादायी मार्गदर्शन पाकर स्वयं को अभिभूत अनुभव किया।
आत्मनिर्भरता, अहिंसा और शाकाहार अपनाने का संदेश
आचार्य श्री आर्जवसागर जी महाराज ने देश को स्वाश्रित बनाने, अहिंसा के मार्ग पर चलने और शाकाहार अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए आत्मनिर्भरता के साथ नैतिक मूल्यों, करुणा और संवेदनशीलता को जीवन में स्थान देना आवश्यक है। अहिंसा भारतीय संस्कृति का मूल आधार है। प्रत्येक जीव के प्रति दया और करुणा का भाव रखते हुए शाकाहार अपनाना जीव रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
गुरुवर के संदेश में स्वावलंबन, ईमानदारी, परिश्रम और कर्तव्यनिष्ठा का विशेष महत्व रहा। उन्होंने प्रेरित किया कि स्वदेशी संसाधनों का सदुपयोग करते हुए आत्मनिर्भरता की भावना को मजबूत बनाया जाए। अहिंसा, शाकाहार और स्वावलंबन को जीवन में अपनाकर ही एक संवेदनशील, नैतिक एवं सशक्त राष्ट्र के निर्माण में योगदान दिया जा सकता है।
वरदान जैन के आमंत्रण पर पहुंचे पत्रकार
कार्यक्रम में वरदान जैन, मीडिया प्रभारी ने सभी पत्रकारों को सादर आमंत्रित किया। उनके आमंत्रण पर पत्रकार अजितनाथ सभागार पहुंचे। यहां श्री अजितनाथ दिगंबर जैन प्राचीन मंदिर कमेटी की ओर से पत्रकारों का सम्मान किया गया तथा उनके सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया गया।
आचार्य श्री का सान्निध्य सभी के लिए आध्यात्मिक प्रेरणा का महत्वपूर्ण अवसर रहा। संतों का आशीर्वाद व्यक्ति को सदाचार, संयम, अहिंसा और नैतिक मूल्यों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। वहीं, पत्रकारिता समाज को जागरूक करने, जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और सकारात्मक विचारों का प्रसार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इस आयोजन के माध्यम से धर्म, समाज और पत्रकारिता के बीच आत्मीयता एवं परस्पर सम्मान का सुंदर संदेश सामने आया। पत्रकारों ने गुरुवर का मंगल आशीर्वाद प्राप्त कर स्वयं को धन्य अनुभव किया।