सरदारपुर – मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ जिला धार के पूर्व जिला सचिव अभिषेक गौर ने प्रदेश के कर्मचारी कल्याण समिति अध्यक्ष श्री रमेशचंद शर्मा (राज्य मंत्री दर्जा) भोपाल को पत्र लिखकर यह मांग कि है कि प्रदेश के कर्मचारियों को संभागीय स्तर पर संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा कार्यालय में सेवा पुस्तिकाओं के अनुमोदन की समय सीमा तय नहीं होने से कर्मचारियों को परेशान होना पड़ता है तथा वित्तीय हानि उठानी पड़ती है इस कारण उन्हें कई बार कार्यालय और विभागों के अनावश्यक चक्कर काटना पड़ते हैं , ऑनलाइन सेवा पुस्तिकाओं के अनुमोदन की समय सीमा तय करवाई जाए lजनजातिय कार्य विभाग में कार्यरत शिक्षकों के 35 वर्ष पूर्ण करने पर चतुर्थ वेतनमान भुगतान के आदेश अभी तक जारी नहीं हुए है शिक्षा विभाग के समान शीघ्र जारी करवाए जाए
प्रदेश के कर्मचारियों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता दिलवाए, वर्तमान में प्रदेश के कर्मचारियों को 58 % ही , डी ए दिया जा राह है , ओर केंद्र में जनवरी 2026 से 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है जो कि दो प्रतिशत कम मिल रहा है साथ ही पत्र में यह भी उल्लेख किया कि जिस प्रकार प्रदेश के शिक्षा विभाग में एक साथ अनुकंपा के 600 प्रकरणों का एक साथ निराकरण किया गया उसी तर्ज पर जनजाति कार्य विभाग में भी एक अभियान के रूप में लंबित अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण करवाएं जाए प्रदेश के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पदोन्नति में 40 वर्ष से ऊपर आयु के कर्मचारियों के लिए सीपीसीटी की बाध्यता पूर्णतः समाप्त की जाए
इन उक्त मांगों का समर्थन संघ के जिलाध्यक्ष प्रफुल्ल जोशी , रितु नागिया,प्रजापालसिंह चौहान, सूर्यभान सिंह सोलंकी, बसंत राठौड़, अनिल पाटीदार, बृजेश वाघेला अमरसिंह भाभर, राजवीर सोलंकी,जसवंत सिंह रिगनोदिया,मालव राजपुरोहित,सुरेन्द्रसिंह सोलंकी आदि पदाधिकारीयों ने किया है