सूखा प्रभावित कर्जदारों को राहत दें! माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की ऋण वसूली पर रोक लगाने की मांग
पंचायत समिति सदस्य अशांकित (पंकज) राजेंद्र गायकवाड ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भेजा ज्ञापन; किसानों, खेतिहर मजदूरों और महिलाओं को आर्थिक राहत देने की मांग
लातूर | संवाददाता
लातूर : जिले में सूखे की स्थिति के कारण आर्थिक संकट का सामना कर रहे आम नागरिकों, किसानों, खेतिहर मजदूरों और महिला स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को राहत देने के लिए माइक्रो फाइनेंस कंपनियों द्वारा की जा रही ऋण किस्तों की वसूली पर अस्थायी रोक लगाने की मांग की गई है। पंचायत समिति सदस्य अशांकित (पंकज) राजेंद्र गायकवाड ने इस संबंध में जिलाधिकारी, लातूर के माध्यम से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ज्ञापन भेजा है।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अनियमित वर्षा और सूखे जैसी परिस्थितियों के कारण लोगों की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है। कृषि उत्पादन में कमी, रोजगार के अवसरों का अभाव और महंगाई में वृद्धि के कारण अनेक परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। ऐसी परिस्थितियों में माइक्रो फाइनेंस कंपनियों द्वारा साप्ताहिक, पाक्षिक और मासिक ऋण किस्तों की वसूली किए जाने से कर्जदारों पर आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ रहा है।
ऋण की किस्तें चुकाना हुआ मुश्किल
ज्ञापन में कहा गया है कि आर्थिक संकट के कारण अनेक परिवारों के लिए दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना भी कठिन हो गया है। ऐसे में नियमित रूप से ऋण की किस्तें चुकाना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है। इसलिए प्रशासन को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करके प्रभावित परिवारों को राहत दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
गायकवाड ने मांग की है कि जिले में कार्यरत सभी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के प्रतिनिधियों की तत्काल बैठक बुलाई जाए। इस बैठक में आर्थिक रूप से कमजोर कर्जदारों को किस्तें चुकाने के लिए अतिरिक्त समय देने, ऋण पुनर्गठन करने तथा विलंब शुल्क और दंडात्मक शुल्क में छूट देने के विषय पर उचित निर्णय लेने की पहल की जाए।
जबरन वसूली पर रोक लगाने की मांग
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि ऋण वसूली के दौरान कर्जदारों को धमकाने, अपमानित करने, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने अथवा अवैध तरीकों से जबरन वसूली करने जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं।
इसके अतिरिक्त, कर्जदारों की शिकायतों को सुनने और उनका शीघ्र समाधान करने के लिए जिला स्तर पर विशेष शिकायत निवारण व्यवस्था स्थापित करने की मांग की गई है।
महिलाओं और किसानों के लिए विशेष राहत योजना लागू करने की मांग
सूखे की परिस्थितियों से प्रभावित महिला स्वयं सहायता समूहों, खेतिहर मजदूरों, लघु एवं सीमांत किसानों तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए विशेष आर्थिक सहायता योजना लागू करने की मांग भी ज्ञापन के माध्यम से की गई है।
गायकवाड ने सुझाव दिया है कि संबंधित माइक्रो फाइनेंस कंपनियों, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित करके इस समस्या का स्थायी एवं व्यावहारिक समाधान निकाला जाए।
सूखे के कठिन दौर में आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवारों को राहत देना आवश्यक है। इसलिए माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की ऋण वसूली पर अस्थायी रोक लगाने के लिए शासन स्तर पर तत्काल उचित निर्णय लिया जाए, ऐसी मांग अशांकित (पंकज) राजेंद्र गायकवाड ने की है।