मुजफ्फरनगर (बुढ़ाना)। जनपद की बुढ़ाना पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए नकली नोट छापकर बाजार में सप्लाई करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसपी ग्रामीण अक्षय संजय महाडिक के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से 5 लाख 26 हजार रुपये की नकली करेंसी और नोट छापने के उपकरण बरामद किए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि आरोपियों ने वेब सीरीज और यूट्यूब वीडियो देखकर जाली नोट बनाने की तकनीक सीखी थी।
प्रेस वार्ता में एसएसपी ने किया खुलासा
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सूरज कुमार राय ने प्रेस वार्ता कर इस पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बुढ़ाना पुलिस को क्षेत्र में नकली नोटों के कारोबार की गुप्त सूचना मिल रही थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर गिरोह के तीन सदस्यों— शुभम, महेंद्र और टीनू को धर दबोचा।
500-500 के नकली नोट और उपकरण बरामद
पुलिस ने आरोपियों के ठिकाने से 5,26,000 रुपये के जाली नोट बरामद किए हैं, जो सभी 500-500 रुपये के मूल्य वर्ग में हैं। इसके अलावा, नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल किए जा रहे कलर प्रिंटर, विशेष रंग (स्याही) और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि उन्होंने चर्चित वेब सीरीज और यूट्यूब के माध्यम से जानकारी जुटाकर घर में ही नकली नोट छापने का सेटअप तैयार किया था।
अन्य सप्लायरों पर भी जल्द कसेगा शिकंजा
एसएसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि यह गिरोह नकली नोटों को असली नोटों की गड्डियों के बीच मिलाकर स्थानीय बाजारों में खपाने का काम करता था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े उन अन्य लोगों की भी कुंडली खंगाल रही है, जो इन नकली नोटों को बाजार में सप्लाई करने में शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही गिरोह के बाकी गुर्गों पर भी सख्त शिकंजा कसा जाएगा। फिलहाल पकड़े गए तीनों अभियुक्तों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
रिपोर्ट: वासु कश्यप