राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी ने किए बांके बिहारी के दर्शन, साथ रहे योगी जी व राज्यपाल।
संवाददाता मोहित सैन मथुरा।

मथुरा। देश के महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी ने कृष्णा कुटीर में विधवा व निराश्रित महिलाओं से मुलाकात करने के पश्चात व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि वेदों की रचना करने वाली लोपमुद्रा, आपला और भोसा जैसी अखियों वाले समाज में महिलाओं के तिरस्कार जैसी स्थितियां बनती हैं यह भी एक कड़वा सच है। हमे बाल विवाह, सतिप्रथा और दहेजप्रथा की तरह विधवा जीवन की कुरीति को भी समाज से दूर करना होगा। इसके लिए समाज का नजरिया बदलने की आवश्यकता है। समाज को जाग्रत होना होगा और अनेक संतो और समाज सुधारकों को तिरस्कृत माता और बहनों के जीवन को सुधारने के लिए राजाराम मोहन राय, ईश्वरचंद विद्यासागर और स्वामी दयानंद जैसे प्रयासों को करना होगा।

महामहिम जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी द्वारा सभी माता और बहनों के जीवन को सुगम और सरल बनाने के लिए प्रतिबद्धता निभाई जा सकती है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा वृंदावन में कृष्णा कुटीर का निर्माण किया गया। अब कृष्णा कुटीर को उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने हाथो में लेकर श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा भरपूर सहयोग दिया जाता है। वृंदावन की माता एवं बहनों के लिए प्रदेश सरकार द्वारा मासिक पेंशन की भी व्यवस्था की गई है और माताओं को देखभाल केंद्र व राज्य सरकार मिलकर रही है। केंद्र व राज्य सरकार के किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रदेश के मा0 मुख्यमंत्री एवं महामहिम राज्यपाल जी ने महिलाओं के दुख दर्द सुनने और उनकी पीड़ाओं को कम करने के लिए उनसे मिलने का कार्यक्रम बनाया।

श्री कोविंद जी ने कहा कि मेरा विचार है कि समाज में इस प्रकार के आश्रम ग्रहों, की आवश्यकता नहीं पड़नी चाहिए, हम एक ऐसा माहौल बनाए, जिसमे समाज में जागरूकता उत्पन्न हो और महिलाओं के पुनर्विवाह, आर्थिक स्वावलम्बन, पारिवारिक संपत्ति में हिस्सेदारी, सामाजिक अधिकारों की रक्षा जैसे उपाय किए जाएं और उन्हें आत्मसम्मान तथा आत्मविश्वास से भरपूर जीवन जीने अवसर दिया जाए।माताओं को समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जाए और उनका संपर्क बढ़ाया जाए तथा तीज त्यौहार में भी उनको शामिल किया जाए। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पुराने प्रचलन में विधवाएं सफेद साड़ी पहन कर रहती थी, लेकिन आज रंगीन कपड़े पहनकर बैठी है। यह एक क्रांतिकारी परिवर्तन है।बदलते भारत की तस्वीर हमारी माताएं भी देखना चाहती है मा0 मुख्यमंत्री उ0 प्र0 सुलभ इंटरनेशनल संस्था के संस्थापक बिंदेश्वरी पाठक एवं समाज संस्थाओ से आग्रह करता हु कि इन माताओं को देश व प्रदेश के दर्शन कराये जाए।
प्रदेश की महामहिम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ब्रज की भूमि को पवित्र बताते हुए कहा कि यह राधा और कृष्ण की लीलाओं की स्थली है, जहा अनेकों प्रसिद्ध मंदिर जैसे बिहारी जी, गोविंद जी, राधाबल्लभ, निधिवन, वैष्णो देवी आदि विद्यमान है। उन्होंने कहा कि वृंदावन की प्राकृतिक छटा देखते योग्य है यह नगर हिंदू समाज की आस्थाओं से जुड़ा है। यही कारण है कि अनेको विधवा महिलाओं को वृद्धाआश्रम में जीवन यापन के लिए छोड़ दिया जाता है यहां प्रदेश ही नहीं अनेकों देश व प्रदेशों से महिलाए आती है। वर्तमान में कृष्णा कुटीर में 157 महिलाए जीवन यापन कर रही है। उन्होंने कहा कि कृष्ण कुटीर में एक हजार महिलाओं के रहने की व्यवस्था है, जिसका प्रबंध केंद्र व राज्य सरकार मिलकर कर रही हैं।
कार्यक्रम से पूर्व महामहिम राष्ट्रपति जी प्रात: 10 बजे कृष्णा कुटीर पर बनाए गए हेलीपेड पर अपने परिवार के साथ उतरे। जहां उनके स्वागत के लिए पूर्व में आयि हुई महामहिम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल जी तथा प्रदेश के मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, प्रदेश के मा0 गन्ना विकास मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी जी, ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष श्री शेल्जाकांत मिश्र, मा0 महापौर डॉ मुकेश अर्यबंधु, जिला पंचायत अध्यक्ष किशन सिंह,मंडलायुक्त अमित गुप्ता, एडीजे राजीव कृष्ण, आईजी नचिकेता झा, जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ गौरव ग्रोवर, नगर आयुक्त अनुनय झा, आदि ने महामहिम का स्वागत किया। कार्यक्रम में शहर विधायक श्रीकांत शर्मा, मांट विधायक राजेश चौधरी, बल्देव विधायक पूरन प्रकाश, गोवर्धन विधायक मेघश्याम सिंह आदि मौजूद रहे।
महामहिम राष्ट्रपति जी हेलीपैड से कार द्वारा बांके बिहारी मंदिर पहुंचे, जहा उन्होंने पार्किंग से गोल्फकार्ट के माध्यम से बांके बिहारी मंदिर पहुंचकर अपने परिवार सहित विधिपूर्वक दर्शन किये तथा पूजा अर्चना की।महामहिम राष्ट्रपति जी के साथ महामहिम राज्यपाल तथा मा0 योगी आदित्यनाथ जी ने भी बांके बिहारी जी की विधिवत पूजा अर्चना की। मंदिर के सेवायतो द्वारा मंत्र उच्चारण करके पूजा-अर्चना कराई गई। पूजा के पश्चात सभी मुख्य अतिथियो द्वारा प्रसाद के रूप मे माखन मिश्री का प्रसाद ग्रहण किया।
पूजा अर्चना के पश्चात महामहिम राष्ट्रपति जी कृष्णा कुटीर पहुंचे जहां उनका स्वागत कृष्णा कुटीर की रहने वाली 05 माताओं द्वारा किया गया। तत्पश्चात महामहिम राष्ट्रपति जी ने माताओं के लिए बनाए गए अस्पताल का निरीक्षण भी किया। जहां उन्होंने वृद्ध माताओं को दी जाने वाली सुविधाओं का निरीक्षण किया। महामहिम राष्ट्रपति जी ने कृष्णा कुटीर में रहने वाली द्वारा बनाए गए विभिन्न उत्पातो का अवलोकन किया, जिसमे मुख्यरूप से कंठीमाला, तुलसीमाला,आचार, अगरबत्ती, राधा कृष्ण की पोशाकों का भी अवलोकन कर माताओं की प्रशंसा की। माताओं द्वारा महामहिम राष्ट्रपति जी, महामहिम राज्यपाल तथा मा0 मुख्यमंत्री जी का गीत गाकर स्वागत किया गया। महामहिम राष्ट्रपति जी द्वारा 05 निराश्रित माताओं को कान की मशीन, साड़ी, जरूरी सामग्री, 05 महिलाओं को चश्मा, साड़ी सहित जरूरी के अन्य सामान भेट किए गए। माताओं द्वारा महामहिम को अवगत कराया गया कि कृष्णा कुटीर की व्यवस्थाएं बहुत अच्छी है।