सकीट (एटा)। सकीट क्षेत्र के गांव बाबली बंजारा में नवरात्र के सातवें दिन मां दुर्गा स्थल पर भक्ति और शक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। शाम से शुरू हुए भजन-कीर्तन में श्रद्धालु देर रात तक भक्तिरस में डूबे रहे। इस दौरान पूरा पंडाल मां के जयकारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मां काली की लीला का मंचन रहा। कलाकारों ने मां काली का स्वरूप धारण कर तांडव नृत्य और असुर संहार की लीला प्रस्तुत की। मां काली के रौद्र रूप और तांडव नृत्य को देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के बीच श्रद्धालुओं ने जय माता दी के जयकारे लगाए। ग्रामीणों ने पूरे श्रद्धाभाव से धार्मिक कार्यक्रम में भाग लिया।
आयोजन स्थल को रंग-बिरंगी लाइटों, झालरों और फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। देर रात तक पंडाल में भक्तिमय माहौल बना रहा।
आयोजक रामगोपाल ने बताया कि गांव में हर साल नवरात्र के दौरान मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाती है। नौ दिनों तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। इस बार मां काली की लीला और तांडव नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिसे ग्रामीणों ने खूब सराहा।
















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