संत गोरखनाथ चिल्ड्रन एकेडमी में नवदुर्गा पूजन कर देश और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना, नारी शक्ति के सम्मान का दिया संदेश
कांधला। संत गोरखनाथ चिल्ड्रन एकेडमी में नवरात्रि के पावन पर्व पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नन्हीं छात्राओं ने मां दुर्गा सहित नवदुर्गा के विभिन्न स्वरूप धारण कर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। छात्राओं ने मां दुर्गा द्वारा महिषासुर वध की लीला का सजीव मंचन कर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान विद्यालय का वातावरण भक्तिमय हो गया।
कार्यक्रम में छात्राओं ने आकर्षक वेशभूषा में देवी के विभिन्न स्वरूपों को प्रस्तुत किया। महिषासुर वध के मंचन के माध्यम से बुराई पर अच्छाई की विजय और नारी शक्ति के महत्व का संदेश दिया गया। नन्हीं छात्राओं की शानदार प्रस्तुति को उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधक क्षितिज मित्तल एवं प्रधानाचार्या कुमारी रंजना मित्तल ने नवदुर्गा के स्वरूप में सजी छात्राओं का विधिवत पूजन किया। उन्होंने मां दुर्गा से देश एवं क्षेत्र में सुख-समृद्धि, शांति और मंगल की कामना की। इसके बाद श्रद्धापूर्वक प्रसाद वितरित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय प्रबंधक क्षितिज मित्तल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है और मां दुर्गा नारी शक्ति, साहस तथा अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि नारी का सम्मान करना हमारी संस्कृति और संस्कारों की पहचान है। समाज में एक ओर नारी को देवी का दर्जा दिया जाता है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग महिलाओं के प्रति गलत मानसिकता रखते हुए उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने का प्रयास करते हैं। ऐसे लोगों को अपनी सोच और व्यवहार में बदलाव लाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि नारी को कमजोर समझने की भूल नहीं करनी चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर वही दुर्गा का रूप धारण कर अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध खड़ी हो सकती है। महिलाओं का सम्मान केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने आचरण और व्यवहार में भी इसे अपनाना चाहिए। समाज के सभी लोगों का दायित्व है कि वे महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और स्वाभिमान की रक्षा के लिए सजग रहें।
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं अभिभावकों की उपस्थिति रही। सभी ने छात्राओं की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों में धार्मिक, सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम श्रद्धा, उत्साह और भक्तिमय वातावरण के बीच संपन्न हुआ।













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