झांसी। पिता का साया सिर से उठ जाने के बाद एक बेटी के जीवन में आने वाली कमी को कोई पूरा नहीं कर सकता, लेकिन स्नेह और अपनत्व उसके दर्द को कुछ कम जरूर कर सकते हैं। इसी मानवीय संवेदना की मिसाल पेश करते हुए संघर्ष सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. संदीप सरावगी ने स्वर्गीय खालिद खान की पुत्री आफरीन को बेटी का दर्जा देकर उसके नए जीवन की शुरुआत के लिए आशीर्वाद और शुभकामनाओं के साथ विदा किया।
इस भावुक अवसर पर उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं। डॉ. संदीप सरावगी ने अभिभावक की भूमिका निभाते हुए आफरीन के सुखद, सफल और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विदाई से पूर्व आफरीन को कलर्स ब्यूटी पार्लर में तैयार कराया गया। इसके बाद संघर्ष सेवा समिति कार्यालय में आत्मीय वातावरण के बीच उसे नए जीवन के सफर के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
आफरीन की माता रेशमा बानो गृहिणी हैं, जबकि उसके भाई फैसल वेल्डिंग का कार्य करते हैं। परिवार की परिस्थितियों के बीच आफरीन के लिए यह आत्मीय सहयोग भावनात्मक संबल का अवसर बना।
डॉ. संदीप सरावगी का यह प्रयास सामाजिक संवेदनशीलता और मानवीय रिश्तों की अहमियत को दर्शाता है। यह विदाई महज एक रस्म नहीं, बल्कि इस बात का संदेश बनी कि रिश्तों की मजबूती केवल खून के संबंधों से नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और अपनत्व से भी होती है
