“बिहार मोतीहारी से अमरजीत सिंह*
मोतिहारी पर्यवेक्षण गृह में कौशल विकास कार्यक्रम का शुभारंभ,
किशोरों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में नई पहल
मोतिहारी। पर्यवेक्षण गृह में आवासित किशोरों के उज्ज्वल भविष्य, व्यक्तित्व विकास एवं पुनर्वास को नई दिशा देने के उद्देश्य से जिला बाल संरक्षण इकाई, मोतिहारी के तत्वावधान में पर्यवेक्षण गृह में कौशल विकास कार्यक्रम की शुरुआत की गई। सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई के प्रयास एवं माननीय प्रधान दंडाधिकारी श्री ओम प्रकाश नारायण सिंह के मार्गदर्शन में जन शिक्षण संस्थान, मोतिहारी के सहयोग से प्रारंभ यह कार्यक्रम किशोरों को हुनरमंद एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
रिपोर्ट,:अमरजीत सिंह
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यवेक्षण गृह में आवासित किशोरों को उनकी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करना तथा उनमें रोजगारपरक कौशल विकसित करना है, ताकि वे भविष्य में सम्मानजनक जीवनयापन कर सकें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
माननीय प्रधान दंडाधिकारी द्वारा बालकों को संबोधित करते हुए बताया गया कि प्रत्येक किशोर को अपनी प्रतिभा निखारने, नई चीजें सीखने और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर मिलना चाहिए। कौशल विकास केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, आत्मसम्मान एवं आत्मनिर्भरता विकसित करने का सशक्त साधन भी है।
कार्यक्रम में सामाजिक सदस्या के रूप में सुश्री शिवानी वर्मा , श्री आलोक रंजन, बाल संरक्षण पदाधिकारी एवं गृह के प्रभारी अधीक्षक श्री अमित कुमार भी उपस्थिति रहे।
किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की मूल भावना के अनुरूप यह कार्यक्रम सुधार, पुनर्वास एवं सामाजिक पुनर्समावेशन की अवधारणा को साकार करने का सार्थक प्रयास है।
निश्चित रूप से जन शिक्षण संस्थान, मोतिहारी के सहयोग से शुरू की गई यह पहल पर्यवेक्षण गृह के किशोरों के जीवन में नई उम्मीद और नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी। यह संदेश भी देगी कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर हर किशोर अपने भविष्य को बेहतर बना सकता है।
