बच्चों और अभिभावकों में दिखा भारी उत्साह, 12 से 15 नवंबर तक होगा चार दिवसीय आयोजन
बारीपदा, 31 अक्टूबर: मयूरभंज जिले के बारीपदा में आयोजित होने वाले 12वें संस्कार शिशु महोत्सव ‘मयूरी’ के लिए 31 अक्टूबर से स्थानीय नगरपालिका गेस्ट हाउस में पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई है। पंजीकरण के पहले दिन बड़ी संख्या में प्रतिभागी अपने अभिभावकों के साथ पहुंचे और विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अपना नाम दर्ज कराया। इस अवसर पर संस्कार शिशु महोत्सव समिति की ओर से सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी गईं।
आयोजक समिति से मिली जानकारी के अनुसार, पंजीकरण की प्रक्रिया 8 नवंबर तक नगरपालिका गेस्ट हाउस में जारी रहेगी। वहीं, चार दिवसीय यह महोत्सव 12 नवंबर से शुरू होकर 15 नवंबर को संपन्न होगा।
इस महोत्सव में नर्सरी से लेकर दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए चार अलग-अलग समूहों में 60 से अधिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। खास बात यह है कि बच्चों के साथ-साथ माताओं के लिए भी विभिन्न प्रतियोगिताएं रखी गई हैं।
महोत्सव के 12वें संस्करण को पहले से अधिक आकर्षक और यादगार बनाने के लिए समिति की ओर से विशेष तैयारियां की गई हैं। इस वर्ष 14 नवंबर को आयोजित होने वाले पथ उत्सव में प्रसिद्ध टीवी प्रस्तोता एवं फिल्म अभिनेता मागुन्ना शामिल होंगे। इसके साथ ही पथ उत्सव में कंस महाराज का राज देखने को मिलेगा। पहली बार बरगढ़ धनुयात्रा के प्रसिद्ध कंस महाराज की विशेष वेशभूषा, अंदाज और संवादों से मंच गूंज उठेगा।
इस बार बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को निखारने के लिए कई विशेष कार्यशालाओं का भी आयोजन किया जाएगा। पहली बार प्रसिद्ध चित्रकार केशु दास के मार्गदर्शन में पारंपरिक प्रसिद्ध जौ-कला (लाख की गुड़िया) निर्माण कार्यशाला एवं प्रशिक्षण शिविर आयोजित होगा। वहीं, प्रसिद्ध चित्रकार सुनाराम सिंह बच्चों को कार्टून बनाने की कला और तकनीक सिखाएंगे।
इसके अलावा प्रसिद्ध चित्रकार समरेंद्र बेहरा द्वारा बच्चों को लाइव स्मोक आर्ट सहित अन्य चित्रकला तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। हर वर्ष की तरह इस बार भी प्रसिद्ध रेत कलाकार दशरथ महांता एवं उनकी टीम की ओर से रेत कला प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा।
बच्चों में पत्रकारिता के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से ‘नन्हे रिपोर्टर कार्यशाला’ भी आयोजित होगी। इसमें बच्चों को एंकरिंग, वॉयस मॉड्यूलेशन और रिपोर्टिंग की बारीकियां सिखाई जाएंगी।
इस बार मंच की सजावट को एक नई थीम पर तैयार किया जाएगा। साथ ही सेल्फी प्वाइंट को भी पहले से अधिक आकर्षक बनाने का निर्णय लिया गया है।
आयोजकों का कहना है कि इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य बच्चों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उनकी छिपी हुई प्रतिभा और रचनात्मक क्षमताओं को सामने लाने के लिए एक बेहतर मंच प्रदान करना है।
समिति की ओर से अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों को इस महोत्सव में शामिल कराएं, ताकि उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और नई चीजें सीखने का अवसर मिल सके।
- मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज, स्टेट हेड।
