हरदोई। सरकारी योजनाओं के जरिए गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। टड़ियावां ब्लॉक की ग्राम पंचायत गढ़ी में पिन्टू कश्यप का परिवार आज भी जर्जर छप्पर के नीचे जिंदगी गुजारने को मजबूर है।
परिवार में पत्नी और पांच बच्चों समेत कुल सात सदस्य हैं। चार बेटियों और एक बेटे के पिता पिन्टू मजदूरी कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करते हैं। आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर है कि परिवार के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना भी चुनौती बना रहता है।
बरसात में टपकता है छप्पर, सर्दी में सताती हैं ठंडी हवाएं
जर्जर छप्पर के नीचे रहने वाले परिवार की मुश्किलें मौसम बदलने के साथ और बढ़ जाती हैं। बरसात में छत से पानी टपकता है तो सर्दियों में ठंडी हवाएं बच्चों को परेशान करती हैं। पिन्टू की सबसे बड़ी चिंता अपने बच्चों की सुरक्षा है। उसकी बस इतनी सी इच्छा है कि बच्चों को एक सुरक्षित पक्की छत मिल सके।
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलने का इंतजार
ग्रामीणों के अनुसार, पिन्टू का परिवार बेहद जरूरतमंद है, लेकिन अभी तक उसे प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। गांव के लोगों ने जिलाधिकारी राहुल पाण्डेय से मामले का संज्ञान लेकर परिवार की वास्तविक स्थिति की जांच कराने और पात्रता के आधार पर आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।
अब प्रशासन की जांच और कार्रवाई का इंतजार
सात जिंदगियां आज भी जर्जर छप्पर के नीचे इस उम्मीद में हैं कि कभी उनके घर का सपना भी पूरा होगा। सवाल यह है कि आखिर कब जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इस परिवार पर पड़ेगी और कब चार बेटियों के पिता पिन्टू कश्यप को अपने बच्चों के सिर पर पक्की छत नसीब होगी?
🙏 मानवीय पहल की जरूरत है। पात्रता के अनुसार इस जरूरतमंद परिवार को सरकारी आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रशासन को उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
📍 स्थान: ग्राम पंचायत गढ़ी, ब्लॉक टड़ियावां, जनपद हरदोई (उत्तर प्रदेश)
ITN NATIONAL NEWS
SHIVAM SHUKLA
