रासगोविंदपुर (मयूरभंज): मयूरभंज जिले के मोरड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत रासगोविंदपुर ब्लॉक की छातना ग्राम पंचायत में वेंक रिसर्च एंड ब्रीडिंग फार्म में जमीन देने वाले स्थानीय लोगों को नौकरी प्रदान करने की मांग उठी है। इस संबंध में ग्राम पंचायत की सरपंच सालगे हेम्ब्रम के नेतृत्व में स्थानीय निवासियों ने मुख्यमंत्री के नाम एक मांगपत्र सौंपा है। साथ ही मांगपत्र की एक प्रति फार्म के अधिकारियों को भी सौंपी गई है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि वेंक रिसर्च एंड ब्रीडिंग फार्म की स्थापना के समय जिन लोगों ने अपनी जमीन दी थी, उन्हें मौखिक रूप से नौकरी देने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन कंपनी को इस क्षेत्र में स्थापित हुए लगभग 15 वर्ष बीत जाने के बावजूद जमीन देने वाले प्रभावित परिवारों को अब तक रोजगार नहीं मिला है।
ज्ञापन में दूसरे चरण की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि फार्म में कार्यरत कुल 48 श्रमिकों में से 36 को दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी से स्थायी कर्मचारी के रूप में नियुक्त किया गया, जबकि शेष 12 श्रमिकों को जानबूझकर इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया।
इसके अलावा, वृद्धावस्था और शारीरिक अस्वस्थता के कारण कंपनी में काम छोड़ने वाले श्रमिकों के परिवार के किसी सदस्य को भी रोजगार नहीं दिया गया है। वहीं, कंपनी में कार्यरत रहने के दौरान जिन कर्मचारियों की मृत्यु हो गई, उनके आश्रितों को नौकरी देने के बजाय मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का आरोप भी ज्ञापन में लगाया गया है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि कंपनी में सबसे पहले जमीन देने वाले प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता दी जाए तथा उनकी शैक्षणिक योग्यता और पात्रता के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि आगामी 15 दिनों के भीतर इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो स्थानीय लोग आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज, स्टेट हेड।
