नुकसान का जायजा लेने केंद्रीय टीम ओडिशा पहुंची, प्रभावित जिलों में राहत एवं बचाव कार्य तेज
भुवनेश्वर, 2 नवंबर: ओडिशा में प्राकृतिक आपदा से उत्पन्न गंभीर परिस्थितियों से निपटने के लिए राज्य सरकार ने युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। संभावित चक्रवात और बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। राजीव भवन स्थित विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) कार्यालय में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. अरविंद कुमार पाढ़ी तथा विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में आगामी चक्रवात, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति तथा संभावित एक अन्य चक्रवात से निपटने के लिए की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि राज्य सरकार संभावित चक्रवात से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने आम जनता से घबराने के बजाय सतर्क और जागरूक रहने की अपील की।
मौसम संबंधी जानकारी के अनुसार, संभावित चक्रवात ‘मुरासु’ गहरे अवदाब में तब्दील होकर बंगाल की खाड़ी में सक्रिय है। यह नेल्लोर से लगभग 160 किलोमीटर, चेन्नई से 180 किलोमीटर, कावली से 180 किलोमीटर, ओंगोल से 210 किलोमीटर तथा मछलीपट्टनम से 240 किलोमीटर दूर बताया गया है। इसके तट से टकराने के दौरान हवा की गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की संभावना जताई गई है। इसके प्रभाव से ओडिशा के गंजाम, गजपति, कोरापुट, रायगढ़ा, मालकानगिरी, कंधमाल, कालाहांडी तथा पुरी सहित अन्य जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर पड़ सकता है।
अर्णव चक्रवात से तीन जिले सर्वाधिक प्रभावित
इससे पहले ‘अर्णव’ चक्रवात और उसके प्रभाव से हुई भारी बारिश ने दक्षिण ओडिशा में व्यापक नुकसान पहुंचाया है। गंजाम, गजपति और कंधमाल जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। इन तीन जिलों के कुल 41 ब्लॉकों की 488 पंचायतों के 2,137 गांव प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा 23 शहरी निकायों के 307 वार्डों में भी जनजीवन प्रभावित हुआ है।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, कुल 2,10,920 लोग आपदा से प्रभावित हुए हैं। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 1,41,797 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इनमें 579 गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। इस आपदा में गंजाम जिले में तीन लोगों की मृत्यु हुई है।
राहत शिविरों में भोजन और आवश्यक सामग्री की व्यवस्था
प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए हैं। राहत शिविरों में चावल, चूड़ा, गुड़ सहित सूखा भोजन और पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रभावित परिवारों को 5,458 पॉलीथिन शीट भी वितरित की गई हैं। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से क्षतिग्रस्त सड़कों और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
आपदा प्रबंधन के लिए नियंत्रण कक्ष और बचाव दलों को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है। सड़क यातायात बहाल करने के लिए कर्मचारी, मशीनरी और आवश्यक उपकरण तैनात किए गए हैं।
गंजाम जिले में सड़क मरम्मत का कार्य तेज
गंजाम जिले के कुकुडाखंडी और पात्रपुर ब्लॉक के 13 स्थानों पर भूस्खलन के कारण जमा मिट्टी और मलबे को हटा दिया गया है। अन्य आठ स्थानों पर सफाई का कार्य जारी है। भंजनगर में सड़क पर भूस्खलन से उत्पन्न एकमात्र बाधा को पूरी तरह हटा दिया गया है।
जिले के 14 ब्लॉकों में कुल 124 सड़क कटाव वाले स्थानों की मरम्मत पूरी कर ली गई है, जबकि 42 स्थानों पर काम जारी है। इसके अलावा 186 क्षतिग्रस्त सड़कों की बहाली का कार्य भी प्रगति पर है।
गजपति और कंधमाल में भी पुनरुद्धार कार्य जारी
गजपति जिले के छह ब्लॉकों में 19 स्थानों पर भूस्खलन से जमा मलबा हटाया गया है। जलभराव के कारण प्रभावित पांच सड़कों पर यातायात सामान्य कर दिया गया है। तीन ब्लॉकों की 11 क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत पूरी हो चुकी है। गोसाणी ब्लॉक में एक सड़क की अस्थायी मरम्मत जारी है।
कंधमाल जिले के तीन ब्लॉकों में सड़क कटाव के 31 मामलों में से 15 का समाधान कर लिया गया है, जबकि 16 स्थानों पर काम चल रहा है। सात क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत पूरी हो चुकी है तथा अन्य 31 सड़कों पर कार्य जारी है। रायगढ़ा जिले के गुनुपुर क्षेत्र में भूस्खलन से प्रभावित 15 स्थानों पर सड़क से मलबा हटाया गया है।
99.05 प्रतिशत बिजली उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति बहाल
अर्णव चक्रवात और उसके बाद आई बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए टीपीएसओडीएल की टीमें लगातार काम कर रही हैं। कंपनी के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों के 99.05 प्रतिशत उपभोक्ताओं को बिजली सेवा दोबारा उपलब्ध करा दी गई है।
कुल 17,88,942 प्रभावित उपभोक्ताओं में से 17,72,028 उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। शेष 16,914 उपभोक्ताओं तक बिजली पहुंचाने के लिए कार्य जारी है।
सभी प्रभावित 46 विद्युत फीडरों और 130 उपकेंद्रों को चालू कर दिया गया है। इसी तरह 658 प्रभावित 11 केवी फीडरों की मरम्मत पूरी कर ली गई है। कुल 56,706 प्रभावित वितरण ट्रांसफॉर्मरों में से 56,358 की मरम्मत की जा चुकी है।
पेयजल आपूर्ति के लिए विशेष व्यवस्था
गंजाम, गजपति और कंधमाल जिलों में कुल 45,722 नलकूप प्रभावित हुए थे। इनमें से 4,475 नलकूपों की मरम्मत और जल शुद्धिकरण का कार्य किया गया है। प्रभावित 393 ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजनाओं में से 247 को बहाल किया गया है तथा 265 योजनाओं का जल शुद्धिकरण किया गया है।
प्रभावित क्षेत्रों में 235 पानी के टैंकर, 80 ट्रैक्टर माउंटेड सिंटेक्स टैंक और 84 डीजी सेट तैनात किए गए हैं। गंजाम और कंधमाल में नौ मोबाइल जल उपचार इकाइयां भी लगाई गई हैं। लोगों के बीच 4,22,300 पैकबंद पानी की बोतलें तथा 3,18,500 पानी के पाउच वितरित किए गए हैं।
ब्रहमपुर महानगर निगम क्षेत्र में 23 और आसिका नगरपालिका क्षेत्र में सात पानी के टैंकर लगाए गए हैं। ब्रह्मपुर में दो मोबाइल जल शुद्धिकरण इकाइयां भी तैनात की गई हैं। जलाशयों की सफाई और शुद्धिकरण का कार्य लगातार जारी है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें अलर्ट
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में डायरिया, मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष व्यवस्था की है। विभिन्न जिलों में रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) और मोबाइल स्वास्थ्य दल तैनात किए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
एनडीआरएफ और ओड्राफ की टीमें तैनात
संभावित चक्रवात और बाढ़ से निपटने के लिए विभिन्न जिलों में ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओड्राफ) तथा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें तैनात की गई हैं।
गंजाम जिले में 32 ओड्राफ और तीन एनडीआरएफ सहित कुल 35 टीमें तैनात हैं। गजपति में नौ ओड्राफ और एक एनडीआरएफ टीम, रायगढ़ा में तीन ओड्राफ और एक एनडीआरएफ टीम, कोरापुट में तीन ओड्राफ और एक एनडीआरएफ टीम तथा मालकानगिरी में तीन ओड्राफ और एक एनडीआरएफ टीम तैनात की गई है।
इसी तरह कंधमाल में चार ओड्राफ और दो एनडीआरएफ टीमें तथा नवरंगपुर में तीन टीमें तैनात की गई हैं। सभी बचाव दलों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार रखा गया है।
नुकसान का आकलन करने पहुंचेगी केंद्रीय टीम
प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीम ओडिशा पहुंच रही है। यह टीम गंजाम और गजपति जिलों का दौरा कर प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लेगी तथा नुकसान का आकलन करेगी।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि संभावित चक्रवात को देखते हुए सुरक्षित स्थानों, राहत शिविरों, नजदीकी स्कूलों और कॉलेजों में शरण लें। आशा कार्यकर्ता तथा आंगनबाड़ी कर्मी गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
मंत्री सुरेश पुजारी ने दोहराया कि राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क और तैयार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भगवान जगन्नाथ की कृपा से संभावित दूसरे चक्रवात का ओडिशा पर कम प्रभाव पड़ेगा। साथ ही उन्होंने लोगों से प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की। HIMANSU SEKHAR PRAHARAJ STATE HEAD.
