बारीपदा, 3 नवंबर: समाज के सामने जमीन कारोबारियों की स्वच्छ छवि पेश कर पर्दे के पीछे नशे का काला साम्राज्य चलाने वाले तीन युवकों का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। दिन में जमीन की खरीद-बिक्री की चर्चा और रात के अंधेरे में महंगी कार से गांजे की तस्करी! मयूरभंज जिले के भंजपुर थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई में इस कथित सभ्य चेहरे के पीछे छिपे अवैध कारोबार का खुलासा हुआ है।
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने नाकेबंदी कर पश्चिम बंगाल नंबर की एक महंगी किया सेल्टोस कार को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार के अंदर से दो क्विंटल से अधिक गांजा, लाखों रुपये नकद और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही महंगी कार जब्त की गई। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मयूरभंज एसपी के निर्देश पर गठित विशेष पुलिस टीम ने लक्ष्मीपोसी स्थित केंद्रीय विद्यालय के पीछे वाली सड़क पर घेराबंदी की थी। पूर्व सूचना के मुताबिक पश्चिम बंगाल पंजीकरण नंबर वाली संदिग्ध किया सेल्टोस कार को रोककर तलाशी ली गई। महंगी कार के भीतर इतनी बड़ी मात्रा में गांजा छिपाकर रखे जाने का खुलासा होते ही पुलिस भी हैरान रह गई।
जमीन कारोबार या नशे के काले धन का खेल?
इस पूरे मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जमीन की खरीद-बिक्री का परिचय देकर घूमने वाले इन तीन युवकों के पास इतनी बड़ी मात्रा में गांजा कहां से आया? गांजा किससे खरीदा गया था और इसे कहां पहुंचाने की योजना थी? क्या यह केवल तीन लोगों तक सीमित कारोबार है या इसके पीछे कोई बड़ा अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क सक्रिय है?
जब्त किए गए लाखों रुपये का स्रोत क्या है? क्या यह रकम जमीन के कारोबार से अर्जित की गई थी या फिर नशे के अवैध धंधे से जुटाई गई थी? इन सभी सवालों का जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।
नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचेगी पुलिस?
फिलहाल भंजपुर थाना पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गांजे के स्रोत, तस्करी के निर्धारित ठिकाने, नकदी के लेन-देन और इस अवैध नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि मयूरभंज जिले में नशे के कारोबार की जड़ें कितनी गहरी हैं? जमीन कारोबार का मुखौटा लगाकर आखिर कितने लोग इस तरह के अवैध धंधे में शामिल हैं? केवल गांजा जब्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लेना ही पर्याप्त नहीं होगा। पुलिस को इस कारोबार के पीछे मौजूद असली सरगनाओं, आर्थिक मददगारों और आपूर्ति नेटवर्क तक पहुंचना भी जरूरी है।
नशे का यह अवैध कारोबार केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए भी गंभीर खतरा है। ऐसे में पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर नशे के इस काले साम्राज्य को जड़ से खत्म करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होगी।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज।
