दोराहा (अमित बंसल) – अमेरिका में घरेलू हिंसा का शिकार हुई पंजाबी युवती जैस्मीन को समर्पित सार्वजनिक शोक सभा उसके मायके गांव जलाजे के खेल मैदान में आयोजित की गई। सैकड़ों लोगों की भागीदारी वाली यह शोक सभा महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा और अत्याचारों के विरोध में सामाजिक जागरूकता का संदेश देते हुए संपन्न हुई। इस दौरान जैस्मीन के पारिवारिक सदस्यों, रिश्तेदारों, इंसाफ पसंद लोगों और महिलाओं ने भावुक माहौल में वक्ताओं के विचार सुने।
इस मौके पर पंजाबी ट्रिब्यून के पूर्व संपादक स्वराजबीर और प्रसिद्ध रंगकर्मी, सामाजिक कार्यकर्ता तथा पंजाबी थिएटर के बाबा बोहड़ गुरशरण सिंह की बेटी नवशरण कौर के संदेश विशेष रूप से सुनाए गए। कार्यक्रम को जैस्मीन शोक सभा कमेटी के संयोजक डॉ. हरचंद सिंह, प्रसिद्ध अध्यापक नेता जोगिंदर आजाद, दलजीत सिंह पूर्व पीसीएस, सुदागर सिंह घुडाणी कलां, एडवोकेट सुदीप सिंह बठिंडा, हरजिंदर सिंह लुधियाना, जसपाल जस्सी और जैस्मीन की बहन दिशा ने संबोधित किया।
शोक सभा की शुरुआत कमेटी के संयोजक डॉ. हरचंद सिंह द्वारा जैस्मीन की तस्वीर पर पुष्पमाला अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इसके बाद जैस्मीन के भाई पाश आजाद और अन्य भाइयों द्वारा लिखे गीत तथा शोकमयी धुनों के बीच उपस्थित लोगों ने तीन मिनट का मौन धारण कर जैस्मीन को श्रद्धांजलि दी।
वक्ताओं ने घरेलू हिंसा और इससे जुड़े सामाजिक पहलुओं पर विचार साझा करते हुए जैस्मीन की जिंदगी से जुड़ी यादें ताजा कीं तथा उसके साथ हुई दुखद घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए लड़कियों का अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और सचेत होना बेहद जरूरी है।
वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि जैस्मीन की हत्या महज व्यक्तिगत या पारिवारिक मामला नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक सवाल है। दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाने के साथ-साथ ऐसी मानसिकता रखने वाले लोगों को समाज से अलग करना भी जरूरी है। वक्ताओं के अनुसार यह दर्दनाक घटना संपत्ति के अहंकार और गैंगस्टर तत्वों से संबंधों के अहंकार से जुड़ी हुई थी। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा और अत्याचारों को समाप्त करने के लिए पूरे समाज को गंभीरता से आगे आना होगा।
इस मौके पर जैस्मीन की यादों को समर्पित एक फोटो गैलरी भी तैयार की गई, जिसमें उसकी विभिन्न तस्वीरें, जीवन सफर की संक्षिप्त झलक और शोक संदेश शामिल थे। उपस्थित लोगों ने इसे गंभीरता और भावुकता के साथ देखा।

शोक सभा में उठाई गईं अहम मांगें
शोक सभा में शामिल लोगों और कमेटी की ओर से मांग की गई कि जैस्मीन को इंसाफ दिलाया जाए तथा जांच जल्द पूरी कर सभी दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाए। इसके अलावा जैस्मीन के आठ महीने के बेटे की कस्टडी उसकी माता को देने, जैस्मीन के पार्थिव शरीर के अवशेष भारत लाने और उसकी माता के लिए आपातकालीन वीजा का प्रबंध करने की मांग भी उठाई गई। इस संबंध में भारत सरकार और पंजाब सरकार से आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाने की अपील की गई।
समागम में प्रसिद्ध कहानीकार अतरजीत ललकार के प्रतिनिधि रविंदर, प्रसिद्ध अध्यापक नेता यशपाल, भजन गिल कैलगरी (सरकार की आवाज), जसवंत जीरख, कुलवंत तर्क, अनुवादक हरचरण चहल, जगमेल सिंह बठिंडा, हरभगवान बरनाला, मनजीत कौर लुधियाना, डॉ. सुरजीत लुधियाना और मजदूर यूनियन खन्ना के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। डीएमसी लुधियाना के त्वचा रोग विभाग के प्रमुख डॉक्टरों, विभागीय स्टाफ और अन्य कर्मचारियों के अलावा हैबोवाल कलां लुधियाना के निवासी भी उपस्थित रहे।
अंत में कमेटी के संयोजक डॉ. हरचंद सिंह ने कार्यक्रम में शामिल हुए सभी लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने विशेष रूप से गांव जलाजे के नौजवानों के सहयोग की सराहना की। नम आंखों और दिलों में गहरा दर्द लिए लोगों ने जैस्मीन को अंतिम विदाई दी। यह शोक सभा जैस्मीन को भावपूर्ण श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा के खात्मे और सामाजिक चेतना की जरूरत का साझा संदेश बनकर उभरी।
