जल जीवन मिशन के अंतर्गत रतलाम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा तीन दिवसीय सामुदायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया है। कार्यक्रम के दूसरे दिन रतलाम ग्रामीण क्षेत्र के सरपंचों तथा पंचायतों के सचिवों ने सीखा कि पानी की गुणवत्ता का परीक्षण कैसे किया जाए। प्रशिक्षक श्रीमती निहारिका व्यास ने सुसंगत तरीके से जल गुणवत्ता की जांच को चरणबद्ध तरीके से समझाया।इस प्रशिक्षण में रतलाम ग्रामीण क्षेत्र की 10 ग्राम पंचायतों के सरपंच सचिव तथा जलकर समिति की सदस्य महिलाएं भाग लिया हैं।
अजमेर से आए राष्ट्रीय मास्टर ट्रेनर आनंद शर्मा ने प्रशिक्षण के दूसरे दिन नल जल योजनाओं का संचालन, संधारण, अपशिष्ट पदार्थों का प्रबंधन, ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों की जिम्मेदारी, स्वच्छ एवं स्वजल ग्राम की परिकल्पना, जल कर की वसूली, जनभागीदारी, समुदाय के रोल समितियों के बैंक खाते आदि बिंदुओं पर गहराई से जानकारी दी, तीन दिवसीय ग्राम स्तरीय सामुदायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुवार दूसरे दिन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती जमुना भिड़े उपस्थित थी।
जल जीवन मिशन ग्रामीण लोगों को विकट जल समस्या से उबार रहा है, खासतौर पर गांव की महिलाओं ने जानलेवा परेशानी से मुक्ति दिलाई है जिसमें उन्हें कई किलोमीटर दूर से अपने घर के लिए पानी लाना पड़ता था। अब जब शासन ने आपके गांव में जल जीवन मिशन के तहत घरों तक नल के माध्यम से जल पहुंचा दिया है तो जिम्मेदारी बनती है कि इसे संभालकर रखें, कोई भी गड़बड़ी नहीं आने दे। गांव में सतत प्रत्येक घर में नल से जल मिलता रहे।
प्रशिक्षण के अंतिम दिवस समस्त प्रतिभागी ग्राम डेलनपुर का भ्रमण किया गया। इस अवसर पर पीआरओ एवं जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के प्रतिनिधि सदस्य एवं गांव के कई लाभान्वित महिलाएं तथा पुरुषों सहित पंचायत के संबंधित पदाधिकारी गण सरपंच राहुल पाटीदार , आशा कार्यकर्ता अनन्नता पोरवाल पंच मोहन पाटीदार मंत्री श्री कोमल सिंह जी पावर अर्जुन पाटीदार यशोदा बाई पांचाल के साथ उपस्थित सभी ने हाथ दिल से लम्बे कर प्रतिज्ञा करते हुए शपथ ग्रहण की गई शासन की बनाई गई योजना का दुरुपयोग नहीं करेंगे ।
दौलत पाटीदार डेलनपुर
ब्यूरोचीफ जिला रतलाम