इंडो नेपाल बोर्डर पर ज़ोरों से हो रहा तस्करी का कारोबार ,तमाम सरकारी आमला एसएसबी,कस्टम, एलआईयू, बन विभाग, आईबी, जैसी तमाम एजेंसियों मूकदर्शक बनकर देखती है तस्करी का तमाशा।
बड़े तस्कर गिरोह ने नेपाल बॉर्डर से सटे भारतीय थारू गाँव को बनाया तस्करी के लिए बेस कैंप विभाग की साठ गांठ से होती है जमकर तस्करी।
इन गांवों में बड़े बड़े गोदाम जहां डम्प किया जाता है प्रतिबन्धित सामान। यहीं से बॉर्डर पार पहुंचाते है लाखों का माल और लगाते हैं l राजस्व को लाखों का चूना। गौरीफंटा थाना क्षेत्र के तमाम बार्डर से सांठ गांठ के बल पर ज़ोरों से हो रही है तस्करी। मोहाना नदी से नेपाल पहुंचाया जा रहा रोजाना लाखों कीमत का प्रतिबंधित सामान। देश की रक्षा के लिए बार्डर पर है तमाम विभाग तैनात, लेकिन तस्करों पर नहीं होती कार्रवाई। पैदल आने जाने वाली नेपाली महिलाएं देती है तस्करी को अंजाम। इन महिलाओं का गैंग सुबह शाम होता है सक्रिय। यदि इसी तरह जिम्मेदार अधिकारी अगर तमाशा देखते रहेंगे तो वो दिन दूर नही जब देश विरोधी ताकते भारत में किसी बड़ी घटना को अंजाम।
संजय सिंह ब्यूरो रिपोर्ट लखीमपुर खीरी उतर प्रदेश