सीकर मावंडा अरावली पर्वतमाला की गोद में बसे श्यामपुरा गांव की चूहाकान की ढाणी में मंगलवार रात पशुपालक के मवेशियों पर जंगली जानवर के रूप में कहर टूट पड़ा। जंगली जानवरों ने उसके भेड़ बकरियों के बाड़े में हमला करके 55 भेड़ व तीन बकरियों को मौत के घाट उतार दिया। इस घटनाक्रम के बाद पशुपालक का परिवार सदमे में है।
इधर जंगली जानवर के हमले की सूचना पाकर वन विभाग पाटन रेंजर मनोज कुमार मीणा, पशु चिकित्सक व पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचे। मृत जानवरों के पोस्टमार्टम व घायलों के उपचार के लिए वरिष्ठ पशु चिकित्सक रामावतार बायला की अध्यक्षता में पांच सदस्यों का बोर्ड गठन किया गया है। हमले में 58 मवेशियों की मौत हुई है। मृत पशुओं का पोस्टमार्टम कर मिट्टी में दबाया जा रहा है। पशुपालन विभाग प्रथम दृष्टया इसे जरख झुंड का हमला बता रहा है। हालांकि अभी इसकी जांच चल रही है। इधर ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार की मदद दिलाने की गुहार प्रशासन से लगाई है।
मदद को जुटे ग्रामीणपशुपालक कैलाश गुर्जर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से परिवार के सामने संकट खड़ा हो गया है। उसकी खराब हालत को देखते हुए ग्रामवासी मदद करने में जुटे हैं। मेघवंशी जागृति संस्थान व गांव के कृष्ण कुमार ने 11 11 हजार रुपए व पाटन रेंजर मनोज मीणा ने 51 सौ रुपए सहायता के रूप पैंथर की खबर फैलने से लोगों में दहशत पशुपालक के बाड़े में जंगली जानवर के हमले के बाद अभी तक यह साफ नहीं हो पाया कि पैंथर या जरख परिवार 1 / मवेशियों पर हमला किया है लेकिन गांव में पैंथर के हमला करने की चर्चा से दहशत का माहौल है। मौके पर पहुंचे पाटन वन विभाग के रेंजर मनोज कुमार मीणा ने बताया कि पैरों के निशानों को देखने से लगता है कि जरख परिवार के झुंड ने हमला किया है। मीणा के अनुसार हमला पैंथर परिवार का भी हो सकता, लेकिन अभी साफ तौर पर कुछ कहा नहीं जा सकता है।
अधिकारी डॉ. रणजीत मेहरानिया ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद ही पूरी स्थिति साफ हो पाएगी।
इंडियन टी वी न्यूज रिपोर्टर रिर्पोटर कपिल देव शर्मा सीकर राजस्थान