पुलिस के ऊपर पत्थरबाजी कराने का मुख्य आरोपी राघव पयासी हुआ गिरफ्तार
▪️आरोपी के खिलाफ सतना एवं भोपाल में भी कई मामले हैं, पंजीबद्ध
▪️पुलिस के ऊपर पत्थरबाजी कराकर नौबस्ता चौकी प्रभारी वीरेंद्र सिंह परिहार के ऊपर डंडे से किया था, हमला जिससे चौकी प्रभारी का दाया हाथ हुआ था, फैक्चर
????रीवा- नौबस्ता से बड़ी खबर
रीवा जिले के चोरहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत नौबस्ता चौकी के समीप बीते दिन जेपी सीमेंट कंपनी के बनी ट्रक पार्किंग में ग्रीसिंग के दौरान बल्कर की चपेट में आने से कोमल साकेत पिता गिरधारी साकेत उम्र 42 वर्ष निवासी उमरिहा की मौके पर मौत हो गई थी, जिसके बाद उसी लाश पर बैठकर सफेदपोश के दो दलालों ने अपनी राजनीतिक रोटियां सेकते हुए पुलिस पर पत्थर से हमला कराया था, जिसमें सीएसपी सच्चिदानंद प्रसाद व नौबस्ता चौकी प्रभारी वीरेंद्र सिंह परिहार सहित दर्जनों पुलिसकर्मी घायल हुए थे, जबकि हमला कराने वाले सफेदपोश का एक दलाल अपने आपको सतना जिले का किसान नेता बता रहा था, तो वही दूसरा किसान नेता के साथ साथ रामपुर विधानसभा क्षेत्र का विधानसभा प्रत्याशी भी रह चुका है, जिसके बाद पुलिस चार मुख्य आरोपियों सहित 50 महिलाएं एवं 150 पुरुषों के ऊपर प्रकरण पंजीबद्ध कर आरोपियों की तलाश में जुट गई थी, जिसमें से सड़क हादसे के दूसरे दिन ही पुलिस ने बड़ी ही सरगर्मी के साथ 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। साथ ही अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही थी,
जिसमें से रीवा पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सिंह एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार वर्मा के निर्देश एवं सीएसपी सच्चिदानंद प्रसाद के मार्गदर्शन में चुरा हटा थाना प्रभारी शिवपूजन मिश्रा व नौबस्ता चौकी प्रभारी वीरेंद्र सिंह परिहार ने मिलकर अपने हमराह पुलिस स्टाफ के साथपुलिस के ऊपर हमला कराने के लिए लोगों को प्रेरित कर नौबस्ता चौकी प्रभारी के ऊपर डंडे से हमला कराने वाला मुख्य आरोपी राघव पयासी उर्फ दीपू पिता रामलाल पयासी निवासी मझियार थाना रामपुर बाघेलान जिला सतना को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि घटना के तीन मुख्य आरोपियों में से के के शुक्ला निवासी डेगरहट, गिरधारी साकेत निवासी उमरिहा, एवं विनोद साकेत अभी भी फरार है,
घटना के बाद पुलिस ने चिन्हित कर 200 लोगों पर मामला किया दर्ज
घटना के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ तीन मामले दर्ज किए हैं घटनास्थल से शव को उठाकर जेपी सीमेंट फैक्ट्री के गेट के सामने ले जाकर जाम लगाने पर धारा 147, 148, 149, 186, 353, 188, 269, 270, एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 महामारी अधिनियम की धारा तीन के तहत मामला दर्ज किया है इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल पर हमला करने पर 147, 148, 149, 186, 353, 332, 307 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है, तो वही जेपी रीवा सीमेंट कंपनी के प्रबंधक की शिकायत पर पुलिस ने धारा 147, 148, 149, 147, 427, 294, 506 के तहत मामला दर्ज किया है।
घटना में 50 महिलाएं हैं, शामिल:-
पुलिस के मुताबिक 200 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिसमें 50 महिलाएं और डेढ़ सौ पुरुष शामिल है, आंदोलन के लिए उकसाने में मुख्य रूप से के के शुक्ला एवं राघव पयासी थे।
आंदोलन से सीमेंट फैक्ट्री का लगभग 60लाख रुपए का हुआ नुकसान
आंदोलन के चलते जेपी सीमेंट फैक्ट्री का करीब 60 लाख रुपए का नुकसान हुआ है, क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने फैक्ट्री के चारों गेट बंद कर दिए थे जिसकी वजह से प्लांट बंद हो गया और उत्पादन नहीं हुआ जिससे फैक्ट्री प्रबंधन ने इस मामले की भी शिकायत चौकी में दर्ज कराई है।
आरोपी राघव पयासी पिता रामलाल पयासी निवासी मझियार का अपराधिक रिकॉर्ड
आरोपी राघव परासी एक अपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है जिसके खिलाफ भोपाल में कई मामले पंजीबद्ध है, साथ ही सतना जिले के कोलगवां थाना में अपराध क्रमांक 386/07 की धारा 452, 294, 323, 324, 506, 34 आईपीसी एवं थाना कोलगवां में ही अपराध क्रमांक 1189/09 में धारा 379 511 के तहत मामला दर्ज है, उसके बाद रामपुर बाघेलान थाने में अपराध क्रमांक 224/16 में धारा 323, 294, 354, 452 आईपीसी 3 (1) (10) 3 (1) (11) एससी एसटी एक्ट एवं अपराध क्रमांक 04/19 में धारा 294, 384, 506 आईपीसी 3(1)(द), 3 (1) (घ), 3 (2)(5) एससी एसटी एक्ट और अपराध क्रमांक 209/20 की धारा 341 आबकारी एक्ट और अपराध क्रमांक इस्त क्र. 19/20 की धारा 110 जा.फौ. के तहत मामला पंजीबद्ध है जिससे यह प्रतीत होता है कि आरोपी अपराधिक प्रवृत्ति का है जिसका मुख्य उद्देश्य मनुष्य जन्म में अपराध करना ही है। रीवा से ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ब्यूरो चीफ
