बडौदा तहसील की कृषि उपज मंडी में व्यापारियों एवं मंडी प्रशासन की मनमानी के कारण किसान परेशान हो रहे हैं क्षेत्र के किसान 15 से 20 किलोमीटर दूर से अपनी उपज को बेचने के लिए बड़ौदा कृषि उपज मंडी में आते हैं किंतु जब वह मंडी में पहुंचते हैं तो व्यापारियों द्वारा अपनी इच्छा के अनुसार ट्रॉलियों की बोली लगाकर के बंद कर देते हैं व्यापारी यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं कि बैंक हमें पैसा नहीं देती इसलिए हम शेष ट्रॉलियों को दूसरे दिन बोली लगाएगे जब मंडी प्रशासन से बात की जाती है तो मंडी प्रशासन भी किसानों को संतोषजनक जवाब नहीं देते और कहते हैं कि सौदा करवा देंगे जब किसान सौदा करता है तो उसे अपनी फसल को व्यापारी के मन अनुसार दामों पर बेचना पड़ता है इससे किसान को अपनी उपज का सही दाम नहीं मिल पाता, यही नहीं किसानों को मंडी में व्यापारियों द्वारा समय पर भुगतान नहीं किया जाता जबकि शासकीय नियम अनुसार 24 घंटे कर के अंदर व्यापारी द्वारा किस को भुगतान करना आवश्यक होता है किंतु व्यापारी द्वारा किसानों को किस्तों में भुगतान देकर एक माह से भी अधिकतर समय लगा दिया जाता है इस प्रकार किसान को इस समय पैसे की बहुत आवश्यकता होती है।