उमरिया किराया बीस से चालीस रुपए फिर भी ओवरलोड पिकअप और ऑटो , तूफान पर लगाम नहीं।
संवाददाता विजय कुमार यादव
हर एक दिन सुनने को मिलता है आज आटो पलट गई कहीं पिकअप पलट गई।
उमरिया. ग्रामीण अंचल में दौडऩे वाले ऑटो और पिकअब में ओवलोडिंग की समस्या दिनोंदिन गंभीर हो रही है। सवारी घटाने की शर्त पर किराया बढ़वाने वाले ऑटो और पिकअब चालक निर्धारित संख्या से अधिक सवारियां बैठाकर ग्रामीण की सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे है। हैरानी की बात तो यह है इस प्रकार ओवरलोडिंग को पुलिस ने भी अभयदान दे रखा है। यही कारण है कि ओवरलोडिंग कर ऑटो और पिकअब चालक हादसों को न्यौता दे रहे है। ग्रामीण की सड़कों पर दिन भर ये नजारे देखने को मिल जाते है।
सालभर पूर्व आटो और पिकअब चालकों ने ओवरलोडिंग के लिए किराया कम होने का तर्क दिया था। पर ऑटो और पिकअब चालक न्यूनतम किराया बीस से चालीस रुपए वसूल करने लगे लेकिन ऑटो पिकअप में यात्रियों की संख्या में कमी नहीं आई। आराम से ऑटो चालक 15 से 25 सवरियां तक बैठाकर निकल जाते है लेकिन उनके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं होती है।
ओवरलोडिंग का नजारा तो सबसे ज्यादा रेलवे फाटक खलेशर से महरोई, उफरी, ददरी ,खैरा, अगनहुड़ी, मरदरी में देखने को मिल जाता है। रविवार को ऑटो पिकअप , तूफान चालक क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर चलते है। आदेश का पालन कोई ऑटो पिकअप, तूफान चालक नहीं करता है। यातायात पुलिस लगातार ओवरलोडिंग को नजरअंदाज कर रही है। यही कारण है कि ओवरलोडिंग के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है।
देहात से ओवरलोड ऑटो, पिकअप , तूफान लेकर आते चालक
शहर में आसपास के ग्रामीण इलाकों से प्रतिदिन ऑटो ओवरलोड सवारियां लेकर आते है। सुबह सवारी लाते समय उसमें ओवरलोडिंग का नजारा हैरान कर देने वाला रहता है। महरोई, उफरी, ददरी, खैरा, अगनहुड़ी, मरदरी सहित आधा दर्जन मार्गों में बेखौफ ओवरलोड वाहन चलते है। शाम में वापस लौटते समय भी अधिकांश ऑटो ,पिकअप, तूफान ओवरलोड रहते है। इन मार्गों में पुलिस की चेकिंग भी शून्य है।
थानों की पुलिस ने खड़े किये हाथ
शहर में ऑटो सहित अन्य वाहनों की चेकिंग से पुलिस ने हाथ खड़े कर दिये है। उनके सामने से ऑटो ओवरलोड और पिकअब सवारियां भरकर आराम से निकल जाते है। पुलिस द्वारा उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है। शहर में ऑटो और पिकअब चालकों की मनमानी रोकने के लिए अन्य थानों की भी जिम्मेदारियां तय करनी होगी।
और पत्रकारों ने ऑटो पिकअप तूफान चालकों को समझाने की कोशिश करते हैं तो चालकों द्वारा मोबाइल फोन पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
महरोई ऑटो चालक द्वारा कुछ ज्यादा ही गाली गलौज कर रहा है। मरदरी तूफान और पिकअप चालकों द्वारा धमकी दी जा रही है कि हमारे सामने पत्रकार मिल जाए तो हम उनको उड़ा देंगे मार डालेंगे। पत्रकारों ने इन्हीं सब बातों को सुनकर हम लोग एक एफ आई आर (FIR) कोतवाली थाना उमरिया में दिये फिर भी ऑटो ,तूफान, पिकअप चालकों के विरुद्ध कोई कार्यवाही आज तक नहीं हुई है।