इतिहास और संस्कृति को बचाने में युवा ले रहे रुचि, संस्कृत से कर रहे है पीएचडी,सुश्री पूजा पीएचडी की उपाधि से अलंकृत।
महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन के विशिष्ट संस्कृत विभाग में कार्यरत प्राध्यापिका पूजा को कामन्दकीयनीतिसारगूढार्थदीपिकाव्य ाख्यायाः सम्पादनं समीक्षण इस विषय पर विद्यावारिधि (पीएचडी) की उपाधि विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की गई। ग़ौरतलब है कि पूजा नर्मदापुरम निवासी सुभाष गौर कि पुत्री हैं। मूलतः मध्यप्रदेश के शाजापुर नगर के निवासी आचार्य सोमनाथ व्यास द्वारा विरचित कामन्दकीय नीतिसार ग्रन्थ पर गूढार्थ दीपिका नामक व्याख्या लिखी गयी थी जो कि पाण्डुलिपि रूप में सिन्धिया प्राच्य शोध संस्थान, उज्जैन से रिसर्चर पूजा द्वारा प्राप्त की गयी। शोधकार्य क्षेत्रीय विद्वान की कृति पर आधारित है, एवं पाण्डुलिपि सम्पादन मौलिक शोधकार्य के अन्तर्गत आता है शोधार्थी पूजा ने अपना शोधकार्य विशिष्ट संस्कृत विभाग की प्रमुख डॉ. पूजा उपाध्याय के मार्गदर्शन में पूर्ण किया है। पूजा की इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु, कुलसचिव, विभाग प्रमुख आचार्यगण एवं विद्यार्थियों ने शुभकामनाएं प्रदान की।
#राजेंद्र धाकड़ ज़िला ब्यूरो नर्मदापुरम