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मनरेगा कार्यों में व्याप्त भ्रष्टाचार मजदूर पलायन के लिए है मजबूर

संवाददाता नरेश सोनी

हजारीबाग जिला में इन दिनों मनरेगा कार्य मे भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। मनरेगा की अधिनियम को ताक पर रखकर मनरेगा कर्मियों एवं पदाधिकारी द्वारा बिचौलियों के सहारे मनरेगा के सभी कार्यों को निष्पादन किया जा रहा है। वही मजदूरों की रोजी-रोटी देकर पलायन रोकने के लिए सरकार की जो नियम बनाया गया है। उसे धत्ता बताते हुए बिचौलिए हावी है। चाहे मनरेगा से टीसीवी निर्माण करना हो, बिरसा सिंचाई कूप निर्माण करना हो, डोभा निर्माण करना हो, इतना तक की मेढबंदी में भी जेसीबी मशीन का खुले आम उपयोग किया जाता है। वहीं अधिकारी चुप्पी साधे हुए है। सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी नीतू सिह की दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन फोन नहीं उठाई। वहीं दारू प्रखंड विकास पदाधिकारी हारून रशीद की भी दूरभाष पर संपर्क किया गया लेकिन फोन नहीं उठाये ।इससे साबित होता है की मनरेगा की कार्य पदाधिकारी के इशारे पर किया जा रहा है।सदर प्रखंड के भेलवारा पंचायत हुटपा पंचायत मे जबकि दारू प्रखंड के ईरगा पंचायत, कबिलासी पंचायत  पुनाई पंचायत मेढकुरी पंचायत  सहित कई पंचायत में धड़ल्ले से जेसीबी मशीन का उपयोग कर कूप निर्माण किया जा रहा है। वही मनरेगा के मजदूरों का जॉब कार्ड घर में रहकर फर्जी हस्ताक्षर करते हुए सरकारी राशि का निकासी भी किया जा रहा है। जिसमें मनरेगा कर्मी से लेकर बिचौलिए और प्रखंड विकास पदाधिकारी भी शामिल है। कई बार खबरें छापने के बाद भी उपायुक्त एवं विकास आयुक्त द्वारा भी किसी प्रकार के कार्रवाई नहीं की जाती है।

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