Indian tv news /ब्यूरो चीफ. करन भास्कर चन्दौली
ब्रैकिंग न्यूज़
वाराणसी मासूम बिटिया की मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं, पिता ने आरोप लगाया है कि जिला प्रशासन और नगर निगम की तरफ से मासूम के इलाज के लिए कोई मदद भी नहीं की गई थी।ऐसे हुई थी घटना
गुरुवार नानी मंजू देवी के घर के सामने रहने वाली तेतरी देवी के साथ बच्ची पायल को अपने साथ लेकर दुकान जा रही थी। उसी समय उनके मकान के आगे गली के मुहाने पर डेढ़ सौ साल पुराना जर्जर मकान का बारजा भरभरा कर गिर गया, जिसके नीचे बच्ची और तेतरा देवी दब गए। घायलों को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल से बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। ट्रॉमा सेंटर में पायल को गहन वार्ड में भर्ती किया गया। वह कोमा में थी। पिता के अनुसार जिला प्रशासन, नगर निगम की तरफ से इलाज में मदद नहीं की गई। कोई भी जनप्रतिनिधि नहीं आया। दूसरी ओर तेतरा देवी की हालत और गंभीर हो गई है। उन्हें बोलने में दिक्कत हो रही है। जुबान ठीक से काम नहीं कर रही है।