नरेश सोनी हजारीबाग संवाददाता
आंगो थाना प्रभारी के खिलाफ तीन पंचायत के ग्रामीणों ने निकाली आक्रोश रैली।
चरही: आंगो थाना प्रभारी के खिलाफ शनिवार को चरही के ग्रामीणों ने आक्रोश रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। यह रैली तीन पंचायतों के लोगों द्वारा आयोजित की गई थी और इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। रैली का समापन आंगो मैदान में धरने के रूप में हुआ, जहां ग्रामीणों ने थाना प्रभारी के खिलाफ अपनी समस्याओं और नाराजगी को प्रकट किया।
#रैली का नेतृत्व करते हुए मुख्य अतिथि चंद्रनाथ भाई पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि आंगो थाना क्षेत्र की जनता थाना प्रभारी के रवैये से बहुत परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि महागठबंधन की सरकार के अंतर्गत आदिवासियों को थाना प्रभारी द्वारा मारपीट का सामना करना पड़ रहा है। झूठे केस में फंसाने की धमकी दी जाती है और अबुआ आवास योजना के तहत बालू के उपयोग पर रोक-टोक का कोई आधार नहीं होने के बावजूद, थाना प्रभारी पैसे वसूलने का काम कर रहे हैं।
चंद्रनाथ भाई पटेल ने कहा, “थाना प्रभारी द्वारा किए गए अन्यायपूर्ण कार्यों ने ग्रामीणों को काफी आहत किया है। भोला महतो, भुनेश्वर महतो, सुमित्रा देवी, किशुन टुडू, रोहित महतो, अशोक कुमार महतो जैसे निर्दोष ग्रामीणों को बिना किसी वजह के पीटा गया, जो पूरी तरह से गलत और अस्वीकार्य है।”
धरने में शामिल अन्य प्रमुख नेताओं और ग्रामीणों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। जयनाथ महतो, जगरनाथ महतो, देवेंद्र टुडू, सरजू सिंह, भाजपा नेता राजेश कुमार गुप्ता, धनेश्वर सिंह, भीम महतो, चुरमान महतो, हुलास महतो, जगरनाथ महतो, किशुन टुडू, बिहारी महतो सहित आंगो थाना क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों ने इस धरने में भाग लिया और थाना प्रभारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
#आक्रोश की वजहें
ग्रामीणों का आरोप है कि थाना प्रभारी ने अपनी शक्ति का दुरुपयोग करते हुए कई निर्दोष लोगों को झूठे मामलों में फंसाने और उनसे अवैध वसूली करने का काम किया है। रैली में शामिल ग्रामीणों ने कहा कि थाना प्रभारी के इस रवैये से उनका जीवन असहज और असुरक्षित हो गया है।
सुमित्रा देवी, जिनके पति को बिना किसी कारण के पीटा गया, ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, “हम शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहते हैं, लेकिन थाना प्रभारी के अत्याचार ने हमें परेशान कर दिया है। हम न्याय की मांग करते हैं और चाहते हैं कि प्रशासन इस पर सख्त कार्रवाई करे।”
#प्रतिक्रिया और मांगे
धरना स्थल पर ग्रामीणों ने अपनी मांगों को स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्हें न्याय चाहिए और थाना प्रभारी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर थाना प्रभारी को तुरंत निलंबित किया जाना चाहिए।
#स्थानीय_प्रशासन की प्रतिक्रिया
धरने के दौरान, स्थानीय प्रशासन के कुछ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वे इस मामले की गंभीरता से जांच करेंगे और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेंगे।
अधिकारियों ने कहा, “हम आपकी शिकायतों को गंभीरता से ले रहे हैं और इस मामले की निष्पक्ष जांच करेंगे। आपकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।”
#निष्कर्ष
इस रैली और धरने ने स्पष्ट रूप से दिखाया कि ग्रामीणों में थाना प्रभारी के खिलाफ गहरा आक्रोश और असंतोष है। इस प्रकार की घटनाएं न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं बल्कि जनता के विश्वास को भी हिला देती हैं। प्रशासन के लिए यह आवश्यक है कि वे इस मामले की गहराई से जांच करें और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें ताकि जनता में सुरक्षा और न्याय का विश्वास पुनः स्थापित हो सके।