नरेश सोनी
इंडियन टीवी न्यूज
हजारीबाग।
स्वामी विवेकानंद जी के शिकांगो भाषण स्मृति समारोह संपन्न ।
हजारीबाग: टाउन हॉल हजारीबाग म स्वामीविवेकानंद जी के शिकागो भाषण स्मृति समारोह का आयोजन संपन्न हुआ। इस भव्य आयोजन में विभिन्न विद्वानों और कलाकारों ने स्वामी विवेकानंद के संदेशों और उनके ऐतिहासिक शिकागो भाषण पर अपने विचार साझा किए। मुख्य वक्ता कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में विद्वान श्री सजल मुखर्जी, श्री प्रदीप कुमार सिंह और श्री राजकुमार चौबे उपस्थित थे। इन तीनों वक्ताओं ने स्वामी विवेकानंद के जीवन, उनके विचारों और उनके द्वारा 1893 में शिकागो में दिए गए ऐतिहासिक भाषण के महत्व पर प्रकाश डाला। स्वामी_विवेकानन्द की स्तुति और जागरण गीत स्वामी विवेकानन्द की स्तुति गान और जागरण गीत की सुंदर प्रस्तुति श्री राजपाल नारायण और श्री प्रतिभा नंद सिंह द्वारा दी गई। उनकी प्रस्तुति ने सभा में मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया और स्वामी विवेकानंद के प्रति श्रद्धा भाव को और गहरा कर दिया।
इस कार्यक्रम में हजारीबाग में निर्मित फिल्म “जगतगुरू श्री रामकृष्ण” का प्रदर्शन भी किया गया। इस फिल्म ने स्वामी विवेकानंद के गुरु श्री रामकृष्ण परमहंस के जीवन और उनके आदर्शों को बखूबी चित्रित किया, जिससे दर्शकों को उनके जीवन और शिक्षाओं के बारे में गहरी समझ मिली।
वक्ताओं के विचार श्री राजकुमार चौबे ने स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण के विभिन्न मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अपने भाषण में अमेरिका के लोगों का दिल जीत लिया। उनके भाषण में प्रेम और आत्मीयता, सहिष्णुता और स्वीकार्यता की बात की गई, जो हिंदू धर्म की विशेषताएँ हैं। उन्होंने कहा, “हिंदू धर्म सभी धर्मों की माता के समान है।” श्री प्रदीप कुमार सिंह ने स्वामी विवेकानंद की आज के समय में प्रासंगिकता पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद के विचार और संदेश आज भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने तब थे। उनके विचारों को अपनाकर हम समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। श्री सजल मुखर्जी ने स्वामी विवेकानंद के संदेशों पर विस्तार से भावपूर्ण चर्चा की। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण पर चर्चा करते हुए कहा, “जिस प्रकार विभिन्न नदियां समुद्र में मिल जाती हैं और एकाकार हो जाती हैं, उसी प्रकार विभिन्न धर्म अपने-अपने मार्ग से चलकर उसी परमात्मा में लीन हो जाते हैं।” उनका यह वक्तव्य सभा में मौजूद सभी लोगों के दिलों को छू गया।
आयोजन और समापन इस कार्यक्रम का आयोजन सार्थक एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी, हजारीबाग द्वारा किया गया था। इस सोसायटी के अध्यक्ष, श्री गजानंद पाठक, ने स्वामी विवेकानंद द्वारा प्रदत्त स्वदेश मंत्र का पाठ किया, जिससे कार्यक्रम का वातावरण और भी पवित्र हो गया। मंच_संचालन की जिम्मेदारी श्री संजय तिवारी ने संभाली और पूरे कार्यक्रम को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया। उनकी दक्षता और संयमित संचालन ने कार्यक्रम को सफल और स्मरणीय बना दिया। कार्यक्रम का समापन श्री साकेत पाठक और श्री गजानंद पाठक द्वारा वेद मंत्र के पाठ के साथ हुआ। उनके द्वारा किए गए मंत्रोच्चार ने सभी उपस्थित लोगों को आध्यात्मिक उर्जा से भर दिया और स्वामी विवेकानंद के प्रति श्रद्धा को और गहरा कर दिया। यह समारोह स्वामी विवेकानंद के महान विचारों और शिक्षाओं को समझने और उनसे प्रेरणा लेने का एक महत्वपूर्ण अवसर था। सभा में उपस्थित सभी लोग इस आयोजन से गहन रूप से प्रभावित हुए और स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।