पलास्टिक से होने वाले प्रदूषण वायुमंडल से लेकर हमारे शरीर और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो रहा है!जाने-अनजाने हम प्लास्टिक को खा और पी रहे हैं और फेफड़ों में भी ले रहे हैं। इससे स्वास्थ्य संकट भी गहराता जा रहा है! भारत सरकार ने जब एकल इस्तेमाल प्लास्टिक के इस्तेमाल पर बैन लगाया, तब ऐसा लगा कि प्रदूषण से निजात पाने के लिए यह एक बेहतर फैसला लिया गया है!इसके बाद सूती कपड़ों की थैलियों का उपयोग तेजी से प्रचलन में आया,लेकिन इसका प्रभाव लंबे वक्त तक नहीं रहा। एकल इस्तेमाल प्लास्टिक के अधिक उपयोग करने में चीन और अमेरिका के बाद भारत का नंबर आता है!पर्यावरण की स्वच्छता और मानव जीवन पर गहराता यह संकट एक विशाल रूप लेता जा रहा है। इस पर हमें एकजुट होकर विचार करना चाहिए! हर साल पराली के जलाने से होने वाले प्रदूषण को लेकर राज्य सरकार समाधान तो लाने की बात करती है, लेकिन वह भी कुछ खास उपयोगी साबित नहीं होता है। वर्तमान समय में प्रदूषण से निपटना बेहद जरूरी हो गया है,क्योंकि अगर इसी तरह से प्रदूषण का स्तर बढ़ता रहा तो आम जन जीवन अधिक प्रभावित हो सकता है।
रिपोर्ट रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़