राजगढ़ ब्यूरो चीफ संतोष गोस्वामी
हिंदू धर्म में नवरात्र को एक बहुत ही पवित्र अवधि माना गया है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। कई साधक इस अवधि में व्रत आदि भी करते हैं। नवरात्रि का पहला दिन खास माना जाता है, क्योंकि इस दिन घटस्थापना करने का विधान है। ऐसे में चलिए जानते हैं घटस्थापना का शुभ मुहूर्त।
आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 03 अक्टूबर, 2024 को रात्रि 12 बजकर 18 मिनट पर शुरू हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन 04 अक्टूबर को मध्य रात्रि 02 बजकर 58 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, शारदीय नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार 03 अक्टूबर को होगी और घटस्थापना भी इसी दिन की जाएगी। इस दौरान घट स्थापना का शुभ मुहूर्त कुछ इस प्रकार रहने वाला है।
घटस्थापना मुहूर्त : सुबह 06 बजकर 15 मिनट से 07 बजकर 22 मिनट तक
घटस्थापना अभिजीत मुहूर्त – सुबह 11 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, शारदीय नवरात्रि में कलश स्थापना या घट स्थापना का विशेष महत्व माना गया है। शारदीय नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना की जाती है और इसके बाद मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। ऐसा माना जाता है कि कलश स्थापना करने से घर में सुख-शांति का माहौल बना रहता है। कलश स्थापना के दौरान इसमें जो नारियल रखा जाता है, वह घर के सदस्यों के लिए आरोग्य का आशीर्वाद लेकर आता है। इसी के साथ कलश स्थापना से साधक की पूजा में किसी प्रकार की बाधा नहीं आती।
नवरात्रि के नौ दिन मां भवानी के नौ रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है।
पहला दिन) – 3 अक्टूबर- मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है
(दूसरा दिन) -4 अक्टूबर – मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है
(तीसरा दिन) -5 अक्टूबर – मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती
(चौथा दिन)- 6 एवं 7 अक्टूबर – मां कुष्मांडा की पूजा की जाती है
(पांचवा दिन)-8 अक्टूबर- मां स्कंदमाता की पूजा
(छठां दिन)- 9 अक्टूबर- मां कात्यायनी की पूजा
सातवां दिन) -10 अक्टूबर- मां कालरात्रि की पूजा
(आठवां दिन) -11 अक्टूबर- मां महागौरी पूजा
(नौंवा दिन) -11 अक्टूबर- मां सिद्धिदात्री की पूजा
नवमी हवन, विजयादशमी- 12 अक्टूबर 2024, शनिवार अष्टमी एवं नवमी दोनों की पूजन 11 अक्टूबर को की जाएगी अष्टमी की पूजन ब्रह्म महुरत में नवमी की प्रात 7 बजे बाद की जायेगी।