शहडोल विपिन कुशवाहा
नवरात्र के पहले दिन यानी 3 अक्टूबर को सुबह से ही घरों, मंदिरों और पूजा पंडालों में माता जगदंबा को विराजित कर कलश स्थापना भी की गई। कलश स्थापना के साथ ही मां दुर्गा की आराधना प्रारंभ हो गयी। नवरात्र में मां दुर्गा की अराधना को लेकर नगर के देवी मंदिरों की विशेष सजावट और खास व्यवस्था की गई है। पूजा पंडालों में भारी भीड़ जुटने के मद्देनजर भी विशेष प्रबंध किए गए हैं।
नगर में 1 दर्जन से भी अधिक पंडालों में सार्वजनिक तौर पर माता की पूजा-अर्चना की जा रही है, माता सिंहवाहिनी को भी विराजित किया गया है, भव्य पंडालों में आकर्षक रूप में मां की प्रतिमा सजा कर स्थापित की गई है माता की अकर्षित प्रतिमा श्रद्धालुओं का मन मोह रही है। इस दौरान पूरा माहौल भक्तिमय बना हुआ है। घरों से लेकर पूजा पंडालों तक (या देवी सर्वभूतेषु) की प्रार्थना से गुंजायमान रहा।
जहां नगर के बस स्टैंड में मां आदिशक्ति दुर्गा उत्सव समिति, हनुमान मंदिर नव दुर्गा उत्सव समिति करकटी , श्री नवचेतना दुर्गा उत्सव समिति, सिनेमा रोड में श्री नव चेतना दुर्गा उत्सव समिति, नेहरू पार्क में विराजित मां नव ज्योति दुर्गा उत्सव समिति, नव जागरण दुर्गा उत्सव समिति,बुढार के कॉलेज कॉलोनी में विराजमान महा गौरी दुर्गा, उत्सव समिति, कालेज चौक, ठाकुर धाम दुर्गा उत्सव समिति, नव जागृति दुर्गा उत्सव समिति, एवम श्री नवनेत्री दुर्गा उत्सव समिति वार्ड नंबर 4, अमलाई रोड बुढा़र, मां गायत्री दुर्गा उत्सव समिति, मां शारदा दुर्गा उत्सव समिति, नव प्रेरणा दुर्गा उत्सव समिति, सिद्धि विनायक दुर्गा उत्सव समिति लखेरन टोला, नव चेताना दुर्गा उत्सव समिति, मिनी नव चेतना दुर्गा उत्सव समिति, में विराजित होकर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं हैं।