रतलाम फोरलेन पहलवान बाबा दरगाह के आस पास के अवैध अतिक्रमण को हटाने का रास्ता साफ
रिपोर्टर पुष्पेन्द्र सिंह सोनगरा
जावरा फाटक अंडर ब्रिज से सेजावता फंटे तक बन रहे फोरलेन के बीच में आ रही पहलवान बाबा की दरगाह का हिस्सा हटाए जाने की कारवाही पर कोर्ट ने 13 दिन पहले 13 नवंबर को यथा इस्थिति स्टे का आदेश दे दिया था lजो स्टे दिया था उसे 26 नवंबर मंगलवार को कोर्ट ने दोनों पक्षो की बहस सुनने के बाद स्टे आदेश को निरस्त कर दिया l
तहसीलदार का कहना है कि स्टे की वजह से दरगाह के आसपास के फोरलेन का काम रुक गया थाl जिसे अब फिर से शुरू किया जाएगा। साथ हीअतिक्रमण को भी हटाया जाएगा। वहीं दरगाह कमेटी के पक्ष से जुड़े अभिभाषक जुबेर खान का कहना है कि हम हाई कोर्ट में याचिका लगाएंगेl
जावरा फाटक अंडर ब्रिज से सेजावता फंटे तकबन रहे 4.12 किलोमीटर लंबे फोरलेन का काम चल रहा है। इसमें पहलवान बाबा की दरगाह के आस पास का हिस्सा अतिक्रमण में आ रहा है। इस हिस्से को लेकर विवाद की स्थिति बन गई l विवाद को सुलझाने के लिये प्रशासन ने दरगाह कमिटी के साथ बैठक कर मामले का हल निकाल लिया था। उसके बावजुद भी
कुछ लोग कोर्ट पहुंच गए और बताया कि
पहलवान बाबा की दरगाह पर अवैध कार्रवाही की जा रही और दरगाह को
नष्ट करने का प्रयास हो रहा है।
13 नवंबर को तृतीय व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड रतलाम अतुल श्रीवास्तव की कोर्ट में प्रशासन की ओर से पक्ष रखने के लिए कोई नहीं पहुंचा था l इस कारण कोर्ट ने एकपक्षीय फैसला दे दिया था । इसमें कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का स्टे आदेश जारी किया था। 14 नवंबर को सरकारी अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने एकपक्षीय स्टे निरस्त करने का आवेदन दिया था। 26 नवंबर मंगलवार को कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद 13 नवंबर को दिया स्टे आदेश निरस्त कर दिया।
दरगाह के सामने लगभग 14 से 16 मीटर जगह मिल रही
प्रशासन के अनुसार दरगाह बनाने के लिए पॉइंट एक (.1) आरा जमीन यानी 10 बाय 10 स्क्वायर फीट की जमीन अलॉट हुई थी। पीडब्ल्यूडी के अनुसार दरगाह के सामने फोरलेन बनाने के लिए लगभग 14 से 16 मीटर जगह मिल रही है। जबकि 21 मीटर की जगह चाहिए। बाकी जगह पर अतिक्रमण किया गया है।
दरगाह के लिए डिवाइडर की डिजाइन मे बदलाव होना तय है
-10 नवंबर को प्रशासन ने दरगाह कमिटी के लोगों के साथ बैठक की थी। इसमें तय हुआ था कि दरगाह फोरलेन पर बनने वाले डिवाइडर के बीच रह जाएगी। डिवाइडर की डिजाइन बदलना भी तय किया गया था। पूरे फोरलेन पर 6 फीट चौड़ा डिवाइडर बनाया जाएगा जो दरगाह के यहां 12 फीट चौड़ा हो जाएगा।
सरकारी अभिभाषक समरथ पाटीदार ने
बताया कि अगस्त मे तहसील कोर्ट ने फैसला देते हुए दरगाह के कुछ हिस्से के अतिक्रमण को हटाने का कहा l
इसमें बताया गया था कि
डोसीगांव की सरकारी जमीन पर अवैध
अतिक्रमण है, इसे हटाया जाये l 5 दिन मे नहीं हटाया तो प्रशासन द्वारा
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी l
इस फैसले को दरगाह कमेटी
से जुड़े पक्ष ने छिपाया और अतिक्रमण
हटाने से रोकने पर स्टे के लिए कोर्ट
पहुंच गए। कोर्ट में जब प्रशासन ने
तहसीलदार के इस फैसले को पेश किया तो कोर्ट ने फिर उसे सही मानते हुए l कहा की तहसील कोर्ट के दिए हुए फैसले के खिलाफ दूसरे पक्ष को एस डी एम कोर्ट मे अपील करना था l दरगाह कमिटी के अभिभाषक जुबेर खान ने जानकारी देते हुए बताया की हमारे पक्ष को तहसील कोर्ट का नोटिस मिला था l लेकिन फैसले के बारे मे जानकारी नहीं थी l कोर्ट ने यह कहते हुए स्टे ख़ारिज किया की हमें तहसील कोर्ट के फैसले को लेकर
एस डी एम कोर्ट मे अपील करना था l इस मामले को लेकर हम हाई कोर्ट मे याचिका जायेंगे l
फोरलने बनाने का काम जल्द शुरू किया जायेगा l दरगाह के अतिक्रमण हटाने पर दिया गया स्टे को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। अब इस हिस्से में फोरलेन का रुका हुआ काम जल्द शुरू किया जाएगा। तहसीलदार रतलाम ऋषभ ठाकुर,