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पत्रकारिता के क्षेत्र में सच लिखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। लोग पत्रकारिता को संदिग्ध मानकर बात करते हैं। लेकिन सहारनपुर में विकास प्राधिकरण के इंजीनियरों की करतूतें चौंकाने वाली हैं
इन इंजीनियरों ने अवैध वसूली के माध्यम से अवैध निर्माण को बढ़ावा दिया है। सहारनपुर में सैकड़ों अवैध निर्माण चल रहे हैं, लेकिन कार्रवाई शून्य है। व्यवसायिक निर्माण से सरकार को आर्थिक लाभ होता है, लेकिन सरकार के स्थान पर एसडीए के इंजीनियर और मेट मौज मार रहे हैं।
बेहट रोड पर साई बाबा के मंदिर के आगे स्कूल के बराबर में इदरिस की कॉलोनी में अवैध बस्ती बसा दी गई है। विकास प्राधिकरण ने नोटिस किया, लेकिन दबा कर रख लिया। वृतमान में भी निर्माण जारी है, लेकिन विकास प्राधिकरण के इंजीनियर अवैध वसूली में मस्त हैं।
इस विभाग में अब तक लाखों नोटिस किए गए, लेकिन बहुत कम कम्पाउंडिंग हुए। बाकी दबाकर रख लिए गए। यह भी पता नहीं चल पाया कि फाइल कहां गयी। व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध सरकार को बड़ा फैसला लेना होगा, तभी भ्रष्टाचार बंद होगा।
यह एक गंभीर मुद्दा है, जिस पर सरकार और प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। अवैध निर्माण और अवैध वसूली को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की जरूरत है।
भ्रष्टाचार और अवैध निर्माण को रोकने के लिए निम्नलिखित एक्ट लागू हो सकते हैं:
1. _भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988_: यह अधिनियम भ्रष्टाचार को रोकने और निवारण के लिए बनाया गया है।
2. _सार्वजनिक संपत्ति अधिनियम, 1984_: यह अधिनियम सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा और संरक्षण के लिए बनाया गया है।
3. _नगर नियोजन अधिनियम, 1976_: यह अधिनियम नगर नियोजन और विकास के लिए बनाया गया है।
4. _उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986_: यह अधिनियम उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए बनाया गया है।
5. _सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005_: यह अधिनियम सूचना के अधिकार की रक्षा के लिए बनाया गया है।
6. _प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट, 1988_: यह अधिनियम भ्रष्टाचार को रोकने और निवारण के लिए बनाया गया है।
7. _नगर पालिका अधिनियम, 1959_: यह अधिनियम नगर पालिका के कार्यों और शक्तियों के लिए बनाया गया है।
रिपोर्ट रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़