कृषक को शादी के लिए उधार पैसा लेना पड़ा भारी, कृषि भूमि करवा ली फर्जी रजिस्ट्री
गुना। शहर के नजदीक ग्राम बिलोनिया निवासी एक किसान के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यह कारनामा किसान के साथ शातिर तरीके से किया गया ओर बड़े ही चालाकी से उसकी कृषि भूमि की फर्जी रजिस्ट्री तक करा ली। अब न्याय पाने के लिए किसान को दर दर भटकना पड़ रहा है।
दरअसल मामला तहसीलदार अनुराग जैन की न्यायालय का है। जहां एक आदेश किसान के पक्ष में निकला गया ओर बाद में एक आदेश किसान के विपरीत निकाला गया। पवन सोनी के द्वारा किसान से धोखाधड़ी की गई जिससे किसान न्याय के लिए भटक रहा है।
किसान ने बताया कि उसने पवन सोनी से शादी के लिए उधार पैस लिए थे, इसके बदले किसान से झूठ बोलकर उसकी जमीन गिरवी रखवा ली। इतना ही नही बाद में किसान की जमीन की फर्जी रजिस्ट्री करवा ली गई। यह मामला किसान बलराम यादव पुत्र पन्ना लाल यादव निवासी विलोनिया का है।
कैसे हुआ किसान के साथ धोखा?
सूत्रों के अनुसार, बलराम यादव ने अपनी पारिवारिक शादी के लिए पवन सोनी से गहने खरीदे थे। इस दौरान पवन सोनी निवासी सदर बाजार गुना ने भुगतान के बदले जमीन गिरवी रखने का प्रस्ताव रखा, जिसे मजबूरी में किसान ने स्वीकार कर लिया। लेकिन इसी दौरान पवन सोनी ने चालाकी से किसान से मुख्तारनामा (पावर ऑफ अटॉर्नी) अपने मुनीम चंदन कुशवाह के नाम करवा लिया।
कुछ समय बाद, किसान की जानकारी और सहमति के बिना, पवन सोनी ने कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से उक्त जमीन की फर्जी रजिस्ट्री रजिस्ट्रार कार्यालय में सांठगांठ कर करवा ली। यही नहीं, उन्होंने इस जमीन का नामांतरण भी करवाने का प्रयास किया और संबंधित फाइल तहसीलदार अनुराग जैन के न्यायालय में प्रस्तुत कर दी।
न्याय की लड़ाई लड़ रहा किसान
इस धोखाधड़ी का पता चलने के बाद किसान बलराम यादव ने इसकी शिकायत की और अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए दर-दर भटकने लगा। तहसीलदार अनुराग जैन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पवन सोनी के नामांतरण को खारिज कर दिया है। हालांकि, उसमें 27 /03/2025 एक और पटवारी रिपोर्ट की जांच के लिए प्रतिवेदन किया गया है अब सवाल यह है कि क्या किसान को उसकी जमीन वापस मिलेगी या उसे और लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी होगी?
प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिला गुना से गोलू सेन की रिपोर्ट