कौशिक नाग-कोलकाता डकैती मामला : सीआइएसएफ के पांच जवान समेत आठ गिरफ्तार विधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के बागुईहाटी थाना अंतर्गत चिनार पार्क के एसके भवन इलाके में गत 17 मार्च की देर रात फर्जी आयकर अधिकारी बनकर एक महिला के घर में घुसकर नकदी समेत लाखों रुपये के गहने लूटने के मामले में पुलिस ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) के पांच जवानों समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है. यह डकैती थी. जल्द ही सभी आरोपियों की पहचान के लिए टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड (टीआइ) होगी. बुधवार को विधाननगर के एयरपोर्ट डिविजन की डीसीपी ऐश्वर्या सरकार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह जानकारी दी. क्या है मामला: पीड़िता विनिता सिंह ने गत 18 मार्च की रात को शिकायत दर्ज करायी थी कि घटना 17 मार्च की देर रात दो बजे हुई थी. चिनार पार्क के एसके भवन में अचानक देर रात खुद को आयकर अधिकारी बताकर कई लोग पहुंचे थे. विनिता सिंह के पति पेशे से प्रमोटर हैं. उनके घर के बाहर से बेल बजाया गया था. जब उनके सुरक्षाकर्मी ने गेट खोला तो घर के बाहर छह लोग थे, जिन्होंने खुद को आयकर अधिकारी बताते हुए उनके घर में छापेमारी की, जिसमें दो पुलिसकर्मी के ड्रेस में थे और एक महिला भी थी तथा बाकी अन्य खुद को आइटी अधिकारी बता रहे थे. घर में लंबी तलाशी के बाद तीन लाख नकदी समेत लाखों के गहने और कई सारे दस्तावेज लेकर वे फरार हो गये. वे सीसीटीवी के डीवीआर काट कर गये थे.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद फर्जी आइटी अधिकारियों ने कहीं कोई संपर्क नहीं करने की सलाह दी और कहा था कि वे लोग खुद उनसे संपर्क कर लेंगे और कोई सीजर लिस्ट भी नहीं दिया गया था. इसके बाद विनिता सिंह को संदेह होने पर उन्होंने आइटी दफ्तर में जाकर संपर्क किया, तो पता चला कि कोई भी आयकर अधिकारी ने रेड नहीं की है. इसके बाद विनिता ने तुरंत बागुईहाटी थाने में शिकायत दर्ज करायी. पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच शुरू की गयी, तो आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गये. उसके बाद एक-एक कर सबको दबोचा गया. फर्जी आइटी अधिकारियों ने घर के सीसीटीवी का डीडीआर भी काट कर गये थे. जांच में सीसीटीवी फुटेज से मिले तथ्यों में पाया गया कि वे लोग दो वाहनों से आये थे. एक पिकअप वैन और एक बाइक था. पिकअप वैन का नंबर ट्रेस करके पहले एक ड्राइवर को साउथ पोर्ट थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया. उससे पूछताछ के बाद पता चला कि ड्राइवर को एक मीडिल मैन ने हायर किया था, फिर उसे न्यू अलीपुर थाना क्षेत्र से दबोचा गया. डीसीपी ने बताया कि गिरफ्तार लोगों में सीआइएसएफ में इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी अमित कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल रामू सरोज, कांस्टेबल आर जनार्दन साव, लक्ष्मी कुमारी चौधरी तथा विमल थापा शामिल हैं. इसके अलावा शिकायतकर्ता की सौतेली मां आरती सिंह और अन्य दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक ड्राइवर और एक बिचौलिया शामिल है. फरक्का से फरक्का बैराज में कार्यरत सीआइएसएफ इंस्पेक्टर अमित कुमार सिंह को और कोलकाता से दो तथा आस-पास के इलाकों से बाकी को लोगों को दबोचा गया. सीआइएसएफ इंस्पेक्टर फरक्का में ही कार्यरत थे. सीआइएसएफ कांस्टेबल लक्ष्मी कुमारी चार माह पहले आरजी कर अस्पताल में ड्यूटी कर रही थीं.