पंचायत सरकार भवन निर्माण को लेकर प्रशासन ने महिलाओं पर किया लाठीचार्ज जिसमें तीन महिला घायल ।
सहरसा जिले के सोनवर्षाराज प्रखंड के काशनगर थाना क्षेत्र के पड़ड़िया राजस्व ग्राम की है, जहां पंचायत सरकार भवन निर्माण को लेकर पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच झड़प हो गई. घटना जहां पिछले गुरुवार को निर्माण कार्य शुरू किया गया था. वहीं, इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
‘महिलाओं ने पत्थरबाजी की’
बताया गया कि विवादित जमीन पर केवाला के जरिए अपना दावा करने वाले परिवारों ने मकान बना लिया था. प्रशासन जब इसे हटाने पहुंचा, तो विरोध शुरू हो गया. वहीं, इस मामले में प्रशासन का कहना है कि महिलाओं ने पत्थरबाजी की, जिसके बाद आत्मरक्षा में लाठीचार्ज करना पड़ा. इस घटना में 3 महिलाएं घायल हो गई. इस मामले में काशनगर पुलिस ने 2 महिलाओं को और सोनवर्षाराज थाना पुलिस ने एक महिला को हिरासत में लिया है.

इस बात को लेकर हुआ विवाद
बताया गया कि बीते गुरुवार को सोनवर्षा राज प्रखंड के बीडीओ, सीओ, बीपीआरओ और पुलिस की मौजूदगी में 14 कट्ठा जमीन से मक्के की फसल हटाकर निर्माण कार्य शुरू किया गया था, लेकिन जमीन पर दावा करने वाले परिवारों ने वहां कच्चा मकान बनाकर रहना शुरू कर दिया. शनिवार को प्रशासन ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने, इस पर विवाद शुरू हो गई.
जेसीबी से हटवा दी फसल
इस मामले की पृष्ठभूमि में पंचायत मुखिया भवन के स्थान को लेकर विवाद है. पहले इसे मंगनमा में बनाना था, लेकिन वहां की जमीन दलदली होने के कारण पड़ड़िया में बनाने का फैसला लिया गया. चयनित भूमि तक पहुंचने के लिए उचित सड़क नहीं है और वहां मक्के की फसल लगी थी. किसान फसल पकने तक जमीन खाली करने को तैयार नहीं थे, लेकिन प्रशासन ने उसके मक्के की फसल जेसीबी से हटवा दी थी.
‘लोगों का विरोध गलत है’
ग्रामीणों का आरोप है कि यह जमीन को लेकर उन्होंने सहरसा न्यायालय में सुनवाई चल रहा है. सिमरी बख्तियारपुर एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर ने कहा स्थानीय लोगों का विरोध गलत है. पुलिस से धक्का-मुक्की को लेकर सख्ती किया गया है. कांड दर्ज कर उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अंशु कुमार ठाकुर
सहरसा बिहार।