कावड़ भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रतीक: अमित सैनी
सातवें कावड़ सेवा शिविर में विधायक उमर अली खान व किसान यूनियन क्रांति के प्रदेश अध्यक्ष ने किया प्रसाद वितरण
बेहट। कावड़ भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रतीक है। इस परंपरा को करोडो भारतीय आज भी अपना रहे हैं और सैकड़ो किलोमीटर पैदल चलकर कावड़ के माध्यम से गंगाजल लाते हैं तथा शिवलिंग और पर अर्पण कर भगवान शिव की आराधना करते हैं।
उक्त विचार उन्होंने कलसिया में आयोजित सातवें कावड़ सेवा शिविर में कॉवड़ियों को प्रसाद वितरित करते हुए रखे।भारतीय किसान यूनियन क्रांति के प्रदेश अध्यक्ष अमित सैनी ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा विश्व की सबसे पुरानी है, जिसको भारत में सनातन धर्म में जीवित रखा है कावड़ के माध्यम से शिव भक्त सैकड़ो किलोमीटर पैदल चलकर गंगा जल लाते हैं और अपने गंतव्य पर पहुंच कर भगवान शिव को गंगाजल अर्पण करते हैं। उन्होंने कहा प्रत्येक वर्ष ऐसा मिला केवल भारत में देखा जाता है इस यात्रा के दौरान शिव भक्तों का त्याग भक्ति और तपस्या को आप साक्षात देख सकते हैं कावड़ यात्रा में युवा बुजुर्ग बच्चों एवं महिलाएं भी भाग लेते हैं उन्होंने कहा कि ऐसी कॉमेडी यात्रियों की सेवा के लिए शिविर लगाना और उनकी सेवा करने से निश्चित रूप से भगवान सेवा करने वाले को पुण्य प्रदान करते हैं। इसके अलावा मंगलवार को बेहट- छुटमलपुर मार्ग पर लगभग आधा दर्जन कावड़ शिविरों का अलग-अलग आयोजन किया गया।
इस मौके पर सपा विधायक उमर अली खान,भारतीय किसान यूनियन क्रांति के प्रदेश मीडिया प्रभारी संजय सैनी,राजवीर कश्यप,रामकुमार सिंह,संजय कुमार,राम सिंह,रामवीर राणा, संजय कश्यप,विजय सैनी, जयकुमार,अश्वनी कुमार,सुमित कश्यप व विकास कश्यप भवानी सैनी पत्रकार आदि सेवादार मौजूद रहे।
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़