ट्रैफिक पुलिस ने किया निरीक्षण:मेट्रो कंपनी ने कहा-नहीं हटा सकते पूरे बैरिकेड, अब दूसरे रूट पर मंथन
भोपाल
फाइल फोटो
• विसर्जन ट्रॉलों के लिए कम से कम 6 मीचर जगह चाहिए
शहर के सबसे बड़े प्रतिमा विसर्जन घाट प्रेमपुरा तक झांकियां ले जाने में गतिरोध बरकरार है। डिपो चौराहा से भदभदा तक रोड 6 मीटर भी चौड़ी नहीं है। वैकल्पिक मार्ग पर भी कई बाधाएं हैं। इसके चलते प्रेमपुरा तक झांकियों के पहुंचने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। डिपो चौराहा से भदभदा तक 2.2 किमी लंबे रूट पर झांकियों को ले जाने के लिए कम से कम 6 मीटर चौड़ाई चाहिए। लेकिन मेट्रो निर्माण कार्य और लगे बैरिकेड के कारण यह जगह नहीं निकल पा रही है।
दो दिन चली चर्चा के बाद मेट्रो कंपनी बैरिकेड्स को शिफ्ट करने को तैयार हुई है, लेकिन उसके बाद भी 1 से डेढ़ मीटर जगह कम ही मिल रही है। ऐसे में अब झांकियों को डिपो चौराहा से पीएंडटी चौराहा और नेहरू नगर चौराहा होते हुए प्रेमपुरा ले जाने का विकल्प ही बचता नजर आ रहा है।
कई जगहों पर सड़क की चौड़ाई केवल 3.5 मीटर
भास्कर ने सोमवार को डिपो चौराहा से भदभदा तिराहा होते हुए प्रेमपुरा घाट तक की सड़क का जायजा लिया। यहां रोड बेहद संकरी है। ‘प्रेमपुरा घाट तैयार, पर मेट्रो के बैरिकेड नहीं हटाए, सबसे ज्यादा विसर्जन’ शीर्षक से सोमवार को समाचार भी प्रकाशित किया। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने रूट का निरीक्षण किया। कई स्थानों पर रोड की चौड़ाई सिर्फ 3.5 मीटर मिली।
आगे क्या: ट्रैफिक पुलिस को नए रूट का फिर से नया ट्रैफिक प्लान बनाना होगा। इससे सड़क किनारे के रहने वालों को परेशानी हो सकती है।
• दोनों तरफ 1 मीटर का स्पेस जरूरी: ट्रैफिक पुलिस ने निगम और मेट्रो कंपनी को बताया कि प्रतिमाओं को ले जाने वाले ट्राले 4 मीटर चौड़े होते हैं। इनके दोनों ओर एक-एक मीटर का स्पेस होना जरूरी है। इस आधार पर कम से कम 6 मीटर चौड़ाई चाहिए।
मेट्रो कंपनी का तर्क
मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि सॉयल टेस्टिंग के बाद पिलर के बेस बनने लगे हैं। ऐसे में बैरिकेड पूरी तरह नहीं हटाए जा सकते। जहां संभव होगा, उन्हें अंदर की ओर खिसकाया जाएगा।
नगर निगम की तैयारी
नगर निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायण ने बताया कि अगर बैरिकेड खिसकाने के बाद भी पर्याप्त जगह नहीं निकलती, तो पीएंडटी रूट से प्रतिमाओं को ले जाने की तैयारी की जाएगी।
वैकल्पिक रूट की चुनौतियां… अगर डिपो से भदभदा मार्ग क्लियर नहीं हुआ तो झांकियां पीएंडटी चौराहा-अन्नपूर्णा कॉम्प्लेक्स-नया बसेरा-नेहरू नगर होकर ले जानी होंगी। इस रूट पर ट्रालों का टर्न, बड़े पेड़, स्पीड ब्रेकर, कॉलोनी रास्ते और बिजली तार बाधा होंगे।