नरेश सोनी
इंडियन टीवी न्यूज
ब्यूरो हजारीबाग
हजारीबाग: उपायुक्त ने स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के दिए सख्त निर्देश, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई
हजारीबाग : जिला उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने गुरुवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रमुख निर्देश और समीक्षा के बिंदु
मेडिकल उपकरणों का पूरा उपयोग: उपायुक्त ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध सभी मेडिकल उपकरणों का पूरा और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एम्बुलेंस सेवा और सक्रियता: उन्होंने सभी एमओआईसी (Medical Officer In-Charge) को निर्देश दिया कि एम्बुलेंस का संचालन सुचारू रहे। साथ ही, सभी अधिकारी फोन पर हमेशा सक्रिय रहें ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके।
रात्रि ड्यूटी की जांच: उपायुक्त ने डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की रात में उपस्थिति की नियमित जांच करने और रोस्टर में किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचने के निर्देश दिए।
आयुष्मान कार्ड और बच्चों का स्वास्थ्य: आयुष्मान कार्ड बनाने का काम तेज करने और इसकी नियमित निगरानी करने को कहा गया। साथ ही, डॉक्टरों द्वारा स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य जांच की जानकारी ली गई और जरूरी निर्देश दिए गए।
मातृ और शिशु स्वास्थ्य पर जोर: गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच, एम्बुलेंस की उपलब्धता और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
गंभीर बीमारियों की निगरानी: सिविल सर्जन को टीबी मरीजों की साप्ताहिक समीक्षा करने और टीबी व एचआईवी जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों पर निगरानी के लिए सहिया प्रणाली का प्रभावी उपयोग करने का निर्देश दिया गया।
फाइलेरिया और साप्ताहिक समीक्षा:
फाइलेरिया की दवा वितरण कार्यक्रम (एमडीए) की समीक्षा की गई और प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। अंत में, सिविल सर्जन को सभी स्वास्थ्य मामलों की साप्ताहिक समीक्षा करने का निर्देश दिया गया।
लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई
उपायुक्त ने सभी स्वास्थ्य कर्मियों, डॉक्टरों, नर्सों और एएनएम को अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने की हिदायत दी। उन्होंने चेतावनी दी कि काम में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों की पहचान कर उन पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में सिविल सर्जन, डीपीएम, यक्ष्मा पदाधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।