नरेश सोनी
इंडियन टीवी न्यूज
ब्यूरो हजारीबाग
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम: हजारीबाग में जूटक्राफ्ट प्रशिक्षण से मिला नया आयाम
हजारीबाग: मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड के सौजन्य से चलाए जा रहे 25 दिवसीय जूटक्राफ्ट कौशल उन्नयन प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत आज बरही प्रखंड के बसरिया गांव में महिलाओं और युवाओं को टूलकिट और मशीनें वितरित की गईं। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जन जागरण केंद्र, हजारीबाग द्वारा 9 सितंबर से 3 अक्टूबर 2025 तक बरही सेंटर में आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
आधुनिक तकनीक से सशक्तिकरण
इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं को जूटक्राफ्ट की उन्नत तकनीकों और डिजाइनों का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए तैयार करना है। वितरित की गई टूलकिट में जूटक्राफ्ट से जुड़े आधुनिक औजार, साथ ही प्रिंटिंग और सिलाई मशीनें भी शामिल हैं।
प्रशिक्षण में शामिल होने वाली महिलाओं को जूट उत्पादों की डिजाइनिंग, निर्माण, गुणवत्ता सुधार, पैकेजिंग और मार्केटिंग की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। यह उन्हें न सिर्फ आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि उनके उत्पादों को स्थानीय और राष्ट्रीय बाजारों में बेचने में भी मदद करेगा।
महिला उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा
इस अवसर पर वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि यह प्रशिक्षण जूटक्राफ्ट की पारंपरिक कला को आधुनिक रूप देगा। यह महिलाओं को अपने घर से ही काम शुरू करने का अवसर देगा, जिससे क्षेत्र में महिला उद्यमिता और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद, सफल प्रशिक्षुओं को काम के ऑर्डर दिए जाएंगे और उनके उत्पादों को विभिन्न मेलों में प्रदर्शित करने का मौका भी मिलेगा।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड के जिला समन्वयक श्रीश त्रिपाठी, जन जागरण केंद्र के निदेशक अजेय कुमार सिंह, बसरिया की मुखिया पूनम देवी, बरही प्रखंड के समन्वयक सुरेश चंद्र महतो, मास्टर ट्रेनर मोहम्मद एहसान, जैनुल, और जन जागरण केंद्र के बरही कॉर्डिनेटर चितरंजन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
यह पहल ग्रामीण महिलाओं के जीवन में एक बड़ा बदलाव लाने का वादा करती है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त होकर अपने परिवार और समाज के विकास में योगदान कर सकें।