नरेश सोनी इंडियन टीवी न्यूज नेशनल ब्यूरो हजारीबाग
हजारीबाग। दुर्गा पूजा की रौनक पर चक्रवाती तूफान ने पानी फेर दिया है। बंगाल की खाड़ी से उठे इस तूफान और लगातार हो रही बारिश ने पूरे क्षेत्र में तबाही मचाई है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सबसे ज्यादा असर दुर्गा पूजा के पंडालों पर हुआ है।
दुर्गा पंडालों की भव्य सजावट को भारी नुकसान
इचाक प्रखंड की देवकली पंचायत में बना दुर्गा पूजा का भव्य पंडाल इस तूफान की भेंट चढ़ गया। तेज हवाओं ने पंडाल को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया, जिससे पंडाल डेकोरेटर को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। इस घटना से स्थानीय लोगों में भी उदासी और निराशा का माहौल है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक और बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
कच्चे मकानों को भी क्षति
तूफान का असर सिर्फ पंडालों तक ही सीमित नहीं रहा। इचाक और टाटीझरिया प्रखंडों में कई कच्चे मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। देवकली के देखलाल यादव का प्लास्टिक और एस्बेस्टस से बना मकान पूरी तरह से टूट गया है, जिससे उनका सारा घरेलू सामान भीग गया। बेघर हुए देखलाल यादव फिलहाल अपने परिवार के साथ दूसरों के घरों में शरण लेने को मजबूर हैं। इसी तरह, लुंदरू गांव की आशा देवी के गायों के शेड का एस्बेस्टस भी उड़ गया, जिससे उन्हें काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि सरकारी आवास आवंटित होने के बावजूद रिश्वत न दे पाने के कारण उन्हें यह लाभ नहीं मिल पाया।
विशाल पेड़ गिरे, बड़ा हादसा टला
तूफान के दौरान कई जगहों पर बड़े-बड़े पेड़ गिरने की भी घटनाएं सामने आई हैं। लुंदरू निवासी तय्यब टेलर के घर के सामने एक विशाल बरगद का पेड़ उनकी छत पर गिर गया। हालांकि, गनीमत रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। वहीं, टाटीझरिया प्रखंड के खैरा बेडमक्का में भी सड़क किनारे तीन-चार विशाल पेड़ गिर गए, लेकिन समय रहते कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
इस आपदा ने दुर्गा पूजा की खुशी को प्रभावित किया है और गरीब परिवारों के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। प्रशासन से मदद की गुहार लगाई जा रही है ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।