बच्चों को भगवान का रूप माना जाता है क्योंकि वे अपने भोलेपन, निर्मलता, और निश्छलता के कारण ईश्वर के समान होते हैं, जिनमें कोई छल-कपट, ईर्ष्या या द्वेष नहीं होता है। वे सरल और पवित्र होते हैं।
सहारनपुर के जनमंच सभागार में आयोजित मिशन शक्ति -5.0 के एक कार्यक्रम के दौरान बच्चों के साथ ऐसी ही अनुभूति का एहसास हुआ।
सुरेंद्र चौहान, संयोजक
प्रोग्रेसिव स्कूल्स सोसायटी
CBSE एवं ICSE स्कूलों का संगठन रमेश
सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़