कुशीनगर। जिले के हाटा नगर में मंगलवार को श्रम विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध व विनियमन) अधिनियम 1986 (संशोधित 2016) के तहत कार्रवाई की। टीम ने नगर के विभिन्न मेडिकल स्टोर सहित कुल 11 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया, जहां से 15 किशोर श्रमिक कार्यरत पाए गए।
अधिकारियों ने बताया कि जिन प्रतिष्ठानों में किशोर श्रमिक कार्यरत पाए गए, उनके मालिकों को अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत निरीक्षण टिप्पणी जारी की गई। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि बाल श्रम कराना कानूनन अपराध है और प्रत्येक बच्चे को शिक्षा व सुरक्षित बचपन का अधिकार प्राप्त है।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी सुश्री अलंकृता उपाध्याय ने बताया कि बाल श्रम कराते पाए जाने पर 6 माह से 2 वर्ष तक की कैद और 20 हजार से 50 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
इस संयुक्त अभियान में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग पुलिस कुशीनगर के प्रभारी निरीक्षक रामचंद्र राम, सुश्री अनुराधा सिंह, शशि शेखर मिश्र सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन ने बाल श्रम के विरुद्ध ह सख्त कार्रवाई कर स्पष्ट संदेश दिया है कि बच्चों से मजदूरी कराना किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Rajesh Maurya Kushinagar