राजस्थान पुलिस में भ्रष्टाचार का काला अध्याय: DGP विजिट के नाम पर SHO से वसूली, जनता की ‘गीली चमड़ी’ कूटने का सिलसिलाजयपुर, 1 दिसंबर 2025 – राजस्थान पुलिस की वर्दी के नीचे छिपा भ्रष्टाचार का जाल अब खुलकर सामने आ रहा है। DGP राजीव शर्मा की विजिट जैसे ‘आधिकारिक’ खर्चों के नाम पर थानाध्यक्ष (SHO) से लाखों रुपये वसूले जा रहे हैं, और ये पैसे कहां से आते हैं? सीधे जनता की जेब से! एक DySP की सोशल मीडिया पोस्ट ने इस काले सच को उजागर कर दिया है, जहां एक SHO से DGP विजिट के बहाने 5.5 लाख रुपये ऐंठे गए। सवाल उठता है – क्या पुलिस जनता की सेवा के लिए है या वसूली के लिए? अगर SHO अपना वेतन देने को तैयार नहीं, तो आम नागरिकों को ही ‘कूट-कूटकर’ पैसे चुकाने पड़ते हैं।मामला क्या है?सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट के मुताबिक, राजस्थान के एक DySP ने खुलासा किया कि DGP राजीव शर्मा की विजिट के नाम पर स्थानीय SHO से 5.5 लाख रुपये वसूले गए। यह केवल एक थाने का मामला है, लेकिन पूरे राज्य में सैकड़ों थाने हैं। अगर हर थाने से ऐसी ‘मंथली इकट्ठी’ हो रही है, तो अरबों रुपये का काला कारोबार चल रहा होगा। पोस्ट में सवाल उठाया गया है कि यह रकम केवल IPS अफसरों तक सीमित है या इसमें गृह मंत्री जावाहर सिंह बेदम, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, और यहां तक कि एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) का भी हिस्सा है? यह 8 करोड़ राजस्थानियों का सवाल है।संलग्न स्क्रीनशॉट में एक Additional SP (AddSP) अपने अधीनस्थों से पैसे मांगते साफ दिख रहा है। यह वीडियो/फोटो सबूत है कि सिस्टम का हर स्तर भ्रष्टाचार की चपेट में है। एक SHO ने कथित तौर पर कहा, “DGP साहब की विजिट के लिए फंडिंग जरूरी है, वरना रिपोर्ट में नुकसान।” लेकिन सवाल वही – यह फंडिंग जनता के खून-पसीने की कमाई से क्यों?व्यापक समस्या: पुलिस में वसूली का चक्रव्यूहयह कोई नया मामला नहीं। 2025 में राजस्थान पुलिस पर भ्रष्टाचार के दर्जनों आरोप लगे हैं:ACB की कार्रवाई: अगस्त 2025 में ACB ने दो हेड कांस्टेबलों को 35,000 और 2,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। एक मामले में SHO का नाम भी फंसा, जो FIR दबाने के लिए पैसे ऐंठ रहा था।
ACB अधिकारी पर ही शक: जून 2025 में ACB का एक सीनियर अफसर सरकारी कर्मचारियों से ‘मंथली रिश्वत’ वसूलते पकड़ा गया। विडंबना – भ्रष्टाचार रोकने वाली एजेंसी ही भ्रष्ट!
MLA का केस: मई 2025 में एक विधायक को 20 लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया, जो खनन माफिया से सेटलमेंट कर रहा था।
ग्रामीण स्तर पर वसूली: सितंबर 2025 में एक विलेज डेवलपमेंट ऑफिसर (VDO) को PM आवास योजना के फंड रिलीज के लिए 1,000 रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया।
DGP राजीव शर्मा ने जुलाई 2025 में चार्ज संभाला और नवंबर में अपराध समीक्षा बैठक में ‘जीरो टॉलरेंस’ का दावा किया, लेकिन जमीन पर कुछ बदला नहीं। हाईकोर्ट ने अगस्त 2025 में DGP से पूछा – “आपके अधीनस्थ स्टेच्यूटरी ड्यूटी क्यों नहीं निभाते?” पुलिस हेल्पलाइन 112 पर शिकायतें दबाई जा रही हैं, और विजिट जैसे खर्चे जनता पर लादे जा रहे हैं।जनता का गुस्सा: #RajasthanPoliceCorruption क्यों ट्रेंड कर रहा?सोशल मीडिया पर #RajasthanPoliceCorruption, #DGPवसूली, #SHOकीचमड़ी टैग्स वायरल हैं। यूजर्स कह रहे हैं:”पुलिस जनता से वसूली क्यों? DGP PHQ में आराम से बैठें, क्यों लोगों को लूटवाते हैं?”
“एक थाने से 5.5 लाख, तो पूरे राजस्थान में अरबों! PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को हस्तक्षेप करना चाहिए।”
एक रिटायर्ड AIGP ने ट्वीट किया: “ऐसी वसूली पब्लिक में न करें, जवाबदेही रखें।”
DGP से निवेदन: सिस्टम सुधारें, वरना…DGP राजीव शर्मा से गुजारिश है – PHQ में बैठकर ही सुधार शुरू करें। विजिट फंडिंग के लिए बजट आवंटित करें, ACB को स्वतंत्र बनाएं, और SHOs को वेतन से बाहर न निकालें। अगर यह सिलसिला चला, तो जनता का भरोसा टूटेगा। सरकार को तुरंत जांच के आदेश देने चाहिए।यह खबर सबूतों पर आधारित है। अगर आपके पास और डिटेल्स हैं, तो शेयर करें। राजस्थान की जनता इंतजार कर रही है – न्याय कब?#RajasthanPoliceCorruption #DGPवसूली #SHOExtortion #PoliceReformNow #BhajanLalSharma #RajeevSharmaDGP